नानी से अवैध संबंधों का शोर दबाने को छीन लीं मासूम की सांसें

बदायूं : बिल्सी थाना क्षेत्र में छह नवंबर को घर की चौखट से गायब हुई बच्ची की लाश मिलने के मामले का पांचवें दिन पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने गांव के ही राजवीर नाम के आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि राजवीर के मासूम की नानी से अवैध संबंध थे और मामला खुलने का शोर दबाने के लिए मासूम की हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपित का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी अशोक कुमार ने मर्डर का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि सम्भल जिले के गुन्नौर कोतवाली इलाके के एक गांव की मासूम बच्ची पांच नवंबर को बिल्सी क्षेत्र के एक गांव में स्थित अपनी ननिहाल आई थी। छह नवंबर को घर की चौखट पर खेलने के दौरान लापता हो गई। बच्ची के मामा की तहरीर पर पुलिस ने नौ नवंबर को रिपोर्ट दर्ज की। उसी दिन गजेंद्र के बाजरा के खेत में मासूम की लाश भी बरामद हुई थी। इस पर पुलिस ने मुकदमा अपहरण के बाद हत्या और लाश छिपाने की धाराओं में तरमीम कर विवेचना शुरू की। कातिल तक पहुंचने के लिए तीन टीमें गठित कीं। मर्डर के पीछे की वजह पुलिस यह बता रही

पुलिस का दावा है कि मासूम की नानी से गांव के ही राजवीर से अवैध संबंध थे। राजवीर की पत्नी का निधन 1996 में ही हो गया था, जबकि वह मृतका के नाना के साथ बटाई पर खेती किसानी करता था। साथ ही मृतका के ननिहाल पक्ष के लोगों की आर्थिक मदद भी करता था। छह नवंबर को आरोपित राजवीर मृतका की नानी से मिलने आया और मासूम की मां ने दोनों को आपत्तिजनक हालात में देख लिया और राजवीर को भला-बुरा कहते हुए घर से निकाल दिया। इससे बौखलाए राजवीर ने बाहर खेल रही बच्ची की गांव के फकीरी के खेत में हत्या की और उसकी लाश बाजरा के खेत में छिपा दी। जबकि इसके बाद उस शव को गजेंद्र के खेत में दूसरे दिन फेंक आया। इस बीच आरोपित बच्ची को तलाशने का ढोंग भी करता रहा। पुलिस ने आरोपित से पूछताछ की तो उसने गुनाह कबूल कर लिया। यहां पुलिस के दावे में दिख रहा झोल

पुलिस के दावे में यह झोल साफ दिखाई दे रही है कि जब बच्ची की लाश मिली तो पुलिस ने पूरा खेत खंगाला था। उस वक्त पुलिस को कोई अंगोछा नहीं मिला था, जबकि आरोपित के गुनाह कुबूल करने के बाद उसकी निशानदेही पर राजवीर का अंगोछा उसी खेत से बरामद कर लिया। इधर, जब राजवीर के पास अंगोछा था तो उसने बच्ची की पायजामी को गला दबाने में क्यों प्रयुक्त किया, इस सवाल का जवाब भी पुलिस के पास फिलहाल नहीं है। वहीं मां के गुनाह की सजा बच्ची को देना भी किसी के गले नहीं उतर रहा है। आरोपित को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल इंस्पेक्टर ललित मोहन, एसएसआइ अमरपाल ¨सह, शिवदत्त, सौरभ यादव, शेर¨सह और देवराज ¨सह शामिल थे।

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