सीबाआइ को घर में ही मिला दंपती का मोबाइल, सील किया

बदायूं : शहर के चर्चित गुप्ता दंपती हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआइ टीम को दंपती का वह मोबाइल शुक्रवार को हाथ लगा है, जिसकी कई महीने से सीबीआइ को तलाश थी। दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने भी घर को अच्छी तरह खंगाला था लेकिन मोबाइल हाथ नहीं लगा था। शुक्रवार को टीम यहां पहुंची और उस मोबाइल को घर से ही बरामद कर सील कर लिया है। टीम शहर में भी घूमी और इलाकाई लोगों समेत कई संभ्रांत लोगों से भी इस कांड को लेकर चर्चा की है।

सीबीआइ टीम ने अभी तक की तफ्तीश में यह तथ्य उजागर किया था कि रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता के पास दो मोबाइल सेट थे। एक मोबाइल नोकिया का था, जबकि दूसरा टाटा इंडिकॉम का। नोकिया वाले मोबाइल का नंबर सभी लोगों के पास था लेकिन यह मोबाइल व नंबर बेहद गोपनीय था। इसकी जानकारी परिवार के भी कुछ ही सदस्यों को थी। विजेंद्र व उनकी पत्नी शन्नो की हत्या के बाद पुलिस ने पूरा घर खंगाला था और नोकिया वाला मोबाइल सील किया था। इंसेट

नापजोख के दौरान खोजा मोबाइल

- पिछले दिनों यहां पहुंची टीम ने पूरे घर की नापजोख की थी। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता को भी इस नापजोख में शामिल करते हुए दंपती के मकान की कीमत का आंकलन कराया था। इसकी रिपोर्ट भी डाक के जरिये सीबीआइ ने पीडब्ल्यूडी से अपने मुख्यालय मंगवा ली। इसी बीच टीम ने विजेंद्र के कमरे में उस मोबाइल का भी पता लगा लिया जिसकी तलाश थी। पुलिस से पूछने पर एक ही मोबाइल की बात सामने आई थी। लॉकर की चाबियां भी पुलिस के पास नहीं हैं। जबकि शुक्रवार को टीम ने यह मोबाइल बरामद कर लिया है। इंसेट

खुलेंगे कई राज

- इस मोबाइल के बरामद होने के बाद टीम को केस की नई दिशा मिली है। उम्मीद है कि अब इस कांड को अंजाम देने वाला करीबी कातिल जल्द ही गिरफ्त में होगा। क्योंकि अभी तक यही माना जा रहा है कि इसी गोपनीय मोबाइल में उस कातिल से जुड़े कई अहम सुराग हैं। टीम फिलहाल शहर के कई लोगों से भी इस मामले में संपर्क साधे हुए हैं।

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