बादल का टूट गया परिवार, अनिकेत की मां से छिन गया सहारा

बादल का टूट गया परिवार, अनिकेत की मां से छिन गया सहारा

कस्बे से राजघाट गंगा स्नान करने गए दो युवकों की मौत से उनके परिवारों का दुखों का पहाड़ टूट गया है। वह दोनों स्वजन से जिद करके गंगा स्नान करने गए थे। उनके स्वजन को इस बात का आभास नहीं था कि अब वह कभी अपने घर नहीं लौटेंगे।

JagranSun, 28 Feb 2021 12:46 AM (IST)

जेएनएन, आसफपुर (बदायूं): कस्बे से राजघाट गंगा स्नान करने गए दो युवकों की मौत से उनके परिवारों का दुखों का पहाड़ टूट गया है। वह दोनों स्वजन से जिद करके गंगा स्नान करने गए थे। उनके स्वजन को इस बात का आभास नहीं था कि अब वह कभी अपने घर नहीं लौटेंगे। एक साथ हुईं दो युवाओं की मौत से कस्बे में भी मातम छाया रहा।

आसफपुर कस्बे के कई लोग शुक्रवार रात नौ बजे राजघाट पर गंगा स्नान करने की तैयारी में थे। इस पर बादल मौर्य पुत्र रामेश्वर ने दोस्त अनिकेत गुप्ता पुत्र विजय गुप्ता से भी चलने को कहा। अनिकेत और बादल अपने-अपने घर पहुंचे तो स्वजन ने उनसे कहा कि अभी रात है। ऐसे में वह रात में वहां नहीं जाएं। मगर, वह दोनों जिद करने लगे तो स्वजन उन्हें राजघाट भेजने को तैयार हुए। फिर स्वजन ने टिफिन पैक करने के बाद वह कहा कि सुबह में गंगा स्नान करने के बाद वह खाना खा लें। खुशी-खुशी वह घर से अपने साथियों के साथ राजघाट के लिए रवाना हुए। भोर होने का भी उन्होंने इंतजार नहीं किया। अपने साथ वालों को बगैर बताए वह गंगा स्नान करने चले गए। गंगा स्नान करते समय दोनों का पैर फिसला और वह गहरे गड्ढे में चले गए। उनके दो साथी घाट पर ही स्नान कर रहे थे उन्होंने जब तक साथ वालों को सूचना दी तब तक वह पूरी तरह से गंगा में डूब चुके थे। हादसे की खबर मिलने के बाद उनके स्वजन रात में ही वहां के लिए रवाना हो गए।

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अनिकेत और बादल में थी गहरी दोस्ती

- गंगा में डूबकर मौत के शिकार हुए अनिकेत और बादल में गहरी दोस्ती थी। हमउम्र दोनों युवक जहां भी जाते साथ ही जाते थे। गंगा स्नान करने का भी उन्होंने शुक्रवार को दिन में ही प्लान बना लिया था। उनको इस बात का आभास नहीं था कि वह एक ही साथ दुनिया से ही विदा हो जाएंगे।

कुंती की उजड़ गई दुनिया

- अनिकेत की मां कुंती की इस हादसे के बाद दुनिया ही उजड़ गई। अनिकेत के पिता की कुछ वर्ष पूर्व ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। इसके बाद उसके भाई की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार में अनिकेत, उसकी मां के अलावा बहन खुशबू ही बचे थे। खुशबू की शादी का जिम्मा अनिकेत पर था। मगर, बहन को ससुराल विदा करने से पहले ही वह दुनिया से विदा हो गया। अब उसके घर में सिर्फ मां और बहन ही बचे हैं।

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