आधी रात से थमा एंबुलेंस का पहिया

-मुखर हुए कर्मचारी -आठ एंबुलेंस को जनहित में छोड़ 100 वाहनों को एनएच-233 के निकट

JagranMon, 26 Jul 2021 06:14 PM (IST)
आधी रात से थमा एंबुलेंस का पहिया

-मुखर हुए कर्मचारी :::

-आठ एंबुलेंस को जनहित में छोड़ 100 वाहनों को एनएच-233 के निकट खड़ी कर किया प्रदर्शन

- विधायकों को सौंपा ज्ञापन, सदन में मुद्दा उठाने का आश्वासन

- आंदोलन करने के बाद हल न निकलने पर चक्काजाम का लिया निर्णय जागरण संवाददाता, बलरामपुर (आजमगढ़) : हुआ वहीं जिसकी आशंका थी। कई दिनों के आंदोलन के बाद एंबुलेंस कर्मचारियों ने रविवार की आधी रात से चक्का जाम कर दिया। सिर्फ आठ एंबुलेंस आपात सेवा के लिए छोड़ शेष को वाराणसी-लुंबिनी एनएच-233 पर भंवरनाथ के समीप खड़ी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिससे मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई दिनों से चल रहे आंदोलन की सुधि न लिए जाने के बाद मामला इस स्थिति तक पहुंचा है। उधर, जब प्रशासन की तरफ से कोई पहल नहीं की गई तो विधानसभा क्षेत्र अतरौलिया के विधायक डा. संग्राम यादव व विधानसभा क्षेत्र गोपालपुर के विधायक नफीस अहमद पहुंचे, जिन्हें एंबुलेंसकर्मियों ने ज्ञापन सौंपा। सपा के विधायकद्वय ने आश्वासन दिया कि उनकी आवाज सदन में उठाएंगे। एंबुलेंसकर्मियों ने कहाकि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तब संघर्ष जारी रखेंगे।

एंबुलेंसकर्मी संगठन के जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में एंबुलेंस कर्मियों ने रविवार को जिला अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन भी किया था। कर्मचारियों का कहना है कि एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) के सभी कार्यरत एंबुलेंस कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर हटाना अन्याय है। पुराने व अनुभवी कर्मचारियों को हटाने से जनता की जान जोखिम में पड़ जाए्गी। जब सरकारी कर्मचारी की ट्रेनिग सरकार के धन से होती है तो कंपनी को बीच से हटाकर कर्मचारियों को हरियाणा की भांति नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन कर एंबुलेंस का संचालन स्वास्थ्य विभाग को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभाने वाले कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मचारियों को हटाना उनका अपमान है। यदि कर्मचारियों को ठेके पर ही रखना सरकार की मजबूरी हो तो हमें एनएचएम अधीन ठेके में रखा जाए, जिससे कंपनियों के बदलने पर नौकरी जाने का भय न रहे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले में कुल 108 एंबुलेंस की गाड़ियां जिसमें 102 एंबुलेंस 51,108 एंबुलेंस 52 और दो एंबुलेंस एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा वाले हैं। जिसमें जनहित के लिए सिर्फ आठ ब्लाकों में 108 एंबुलेंस को चलने दिए हैं। शेष एंबुलेंस भंवरनाथ से 500 मीटर आगे फैजाबाद रोड पर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र होगा। इसमें धर्मेंद्र, संदीप, राम अमिका यादव, सीताराम, अनिल, शोएब आदि रहे।

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