बदहाल पड़ा जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय

बदहाल पड़ा जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा जहां जिले में एलोपैथिक चिकित्

JagranThu, 02 Nov 2017 06:36 PM (IST)

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा जहां जिले में एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के लिए करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन बनवाए जा रहे हैं वहीं राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। हालत यह है कि अपनी पहचान बनाने वाला जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय आज उपेक्षा से बदहाल पड़ा है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के आसपास फैले खर-पतवार के भय से मरीज आने से कतराते हैं।

शहर के बीचोबीच राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनाया कई वर्ष पूर्व बनाया गया है। मरीजों को इलाज के लिए बस एक रुपये का पर्चा लेना पड़ता है और सभी औषधियां मुफ्त में मिलती हैं। इस अस्पताल में रोगियों को भर्ती करने से लेकर उपचार की व्यवस्था है। अस्पताल में कुल 25 शैया की व्यवस्था की गई, लेकिन रख-रखाव ठीक से न होने पर 19 शैया कबाड़ हो गए हैं पूरे अस्पताल में मात्र छह शैया सुरक्षित हैं। पहले यहां मरीजों का भरमार लगा रहता था, लेकिन अब हालत यह है कि एक माह में मात्र चार सौ से पांच सौ तक मरीज उपचार के लिए आते हैं। इससे आप साफ अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां की स्थिति क्या थी और क्या हो गई। अस्पतल का भवन जर्जर होने के साथ ही अस्पताल के आसपास पूरा खर-पतवार फैला हुआ है, जिससे मरीज यहां आने से कतराते हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में अब दवाईयां भी आना कम हो गई है। वहीं राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब तक जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्था में सुधार के लिए कोई उपाय नहीं किए।

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