ड्यूटी से लापता हैं चार सरकारी चिकित्सक

ड्यूटी से लापता हैं चार सरकारी चिकित्सक

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : जनपद में चार ऐसे चिकित्सक हैं जो ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद चार

JagranMon, 30 Oct 2017 06:16 PM (IST)

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : जनपद में चार ऐसे चिकित्सक हैं जो ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद चार साल से लापता है। यही नहीं इन डाक्टरों ने अपनी बर्खास्तगी तक के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया है। दूसरी तरफ संसाधनों के अभाव में सरकारी अस्पतालों खासकर प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकीय व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ रही है। डॉक्टरों की अनवरत अनुपस्थिति व कमी से चिकित्सकीय सेवा लड़खडा गई है। बदहाल स्वास्थ्य सेवा के कारण पीडित मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हैं।

पूरे जनपद में डाक्टरों की भारी कमी है। 307 चिकित्सकों के सापेक्ष मात्र 125 डाक्टर तैनात हैं। 200 के करीब डाक्टरों का पद रिक्त चल रहा है। इसकी वजह से जनपद में भी स्वास्थ्य विभाग की स्थिति डांवाडोल हैं। किसी तरह यहां के स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी ¨खच रही है। पूरे जिले में कुल 109 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 69 से अधिक है। इसमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और महिला पुरुष अस्पताल अतरौलिया भी शामिल हैं। अतरौलिया नया अस्पताल पिछले साल भर से चल रहा है। अभी यहां पर्याप्त डाक्टर नहीं है। सात ईएमओ का पद भी खाली चल रहा है। आर्थों, यूरोलाजी, रेडियालाजिस्ट के पद खाली चल रहे हैं। यहां सात रेडियोलाजिस्ट का पद है। केवल एक रेडियोलाजिस्ट के सहारे पूरे जनपद की व्यवस्था चल रही है। जिला अस्पताल सहित कई अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टर नहीं है। चार ईएमओ का पद खाली है। यहां मात्र एक ईएमओ तैनात हैं। इसी प्रकार स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों की भारी कमी है। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों को अटैच कर किसी तरह स्वास्थ्य विभाग काम चला रहा है। अस्पतालों में डाक्टरों की कमी की वजह से लोगों को प्राइवेट का सहारा लेना पड़ रहा है। यहां मरीजों का आर्थिक दोहन जहां किया जाता है वहीं तमाम दिक्कतें भी उठानी पड़ रही है। जिला अस्पताल को लिया जाए तो यहां प्रतिदिन दो हजार मरीजों की ओपीडी होती है। हर डाक्टर के पास सौ से अधिक मरीज देखे जाते हैं। इसके अलावा जांच भी 500 के करीब प्रतिदिन होती है। सरकारी अस्पताल में पर्याप्त सुविधा न होने की वजह से लोग प्राइवेट डाक्टरों का सहारा ले रहे हैं।

यह है स्थिति

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-50 लाख के करीब है जनपद की आबादी

-12 स्वास्थ्य केंद्र हैं चिकित्सक विहीन

-307 चिकित्सकों का पद है सृजित

-128 डाक्टर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात

-50 के करीब है पैरामेडिकल स्टॉफ--33 स्टाफ नर्स हैं तैनात

------------------------जनपद में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी है। शासन स्तर से डाक्टरों के चयन की प्रक्रिया नहीं की जा रही है। इसके लिए शासन को कई बार लिखा गया है। जितने संसाधन है उतने में ही काम चलाया जा रहा है। लापता चल रहे डाक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है। -डा. एसके तिवारी : मुख्य चिकित्साधिकारी

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