चार मौतों के बाद जागा स्वास्थ्य महकमा

चार मौतों के बाद जागा स्वास्थ्य महकमा

जागरण संवाददाता, फरिहां (आजमगढ़) : निजामाबाद तहसील अंतर्गत फरिहां ग्रामसभा में पिछले एक प

JagranThu, 05 Oct 2017 06:01 PM (IST)

जागरण संवाददाता, फरिहां (आजमगढ़) : निजामाबाद तहसील अंतर्गत फरिहां ग्रामसभा में पिछले एक पखवारे से फैली अज्ञात बीमारी के चलते चार लोगों की मौत की गुत्थी चिकित्सकीय टीम भी नहीं सुलझा नहीं। टीम के सदस्यों का दावा है कि मौतें डेंगू के चलते नहीं हुई है। वहीं निजी पैथालाजी में जांच कराने पर बुखार की वजह डेंगू बताया जा रहा है। सीएमओ के निर्देश पर गुरुवार को गांव में पहुंची पांच सदस्यीय टीम ने बुखार से पीड़ितों के बीच दवा वितरण के साथ ही रक्त जांच व डीटीटी आदि का छिड़काव भी किया।

दरअसल उक्त गांव में एक पखवारे के अंदर ताबड़तोड़ चार लोगों की मौत हो गई। साथ ही गांव में कुछ लोग बुखार से पीड़ित हो गए। ऐसे में ग्रामीणों के बीच दहशत फैल गई। इस मसले को दैनिक जागरण ने पांच अक्टूबर के अंक में पेज तीन पर खबर प्रकाशित की। खबर को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ एसके तिवारी ने तत्काल ने पांच सदस्यीय टीम को गांव में जाने का निर्देश दिया। गुरुवार को डिप्टी सीएमओ एवं रानी की सराय स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. संजय कुमार के नेतृत्व में पांच डाक्टरों की टीम गांव में पहुंची और वहां बुखार से पीड़ित मरीजों के रक्त की जांच शुरू की। इसके साथ ही गांव में संक्रामक रोग फैलने की आशंका से दवाओं का छिड़काव भी किया गया। गांव में स्थानीय स्तर पर उपचार करा रहे लोगों में सात वर्षीय ज्योति पुत्री हवलदार यादव एवं 25 वर्षीय चंद्रेश पुत्र राममूरत यादव की परिजनों द्वारा कराई गई जांच में डेंगू बुखार के लक्षण पाए गए।

इस संबंध में चिकित्सकीय दल के प्रभारी डा. संजय कुमार का कहना है कि सीएमओ को निर्देश पर टीम को गांव में तीन दिनों तक काम करने का निर्देश दिया गया है। चिकित्सकीय टीम गांव में प्रत्येक घरों तक जाकर बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त की जांच के साथ ही उनका समुचित उपचार करेगी। फरिहां ग्रामसभा में कैंप करने वाली डाक्टरों की टीम में डा. दिवाकर वर्मा, डा. सुशीला मौर्य, डा. एनबी ¨सह, डा. आरके अस्थाना व लैब टेक्निशियन जितेंद्र शामिल बताए गए हैं।

------------------------------------------------------बोले चिकित्साधिकारी, अलग-अलग मीारी से हुईं मौतें

गांव में पहुंची चिकित्सकी टीम के प्रभारी डा. संजय कुमार का कहना है कि पूरे क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों और अवैधानिक पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियनों ने गलत रिपोर्ट से अफवाह फैलाई है। कहा कि डेंगू की जांच पूरे मंडल में मात्र जिला चिकित्सालय आजमगढ़ में ही होती है। क्षेत्र में प्राइवेट पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियनों ने आने वाले मरीजों की गलत जांच कर सीधे डेंगू पॉजिटिव व मलेरिया पॉजिटिव की रिपोर्ट पकड़ा दे रहे हैं। डॉक्टर संजय ने बताया कि सभी चारों मृतकों की मृत्यु अलग अलग बीमारियों से हुई है। गांव में ऐसा कोई लक्षण नहीं मिला जिससे यह दावा किया जा सके कि सभी मौतें एक ही बीमारी के चलते हुई हों।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.