आधी आबादी ने लिया संकल्प, लगाएंगी वट का पौधा

जागरण संवाददाता आजमगढ़ पेड़-पौधे के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। चाहे वह मनुष्

JagranWed, 09 Jun 2021 12:20 AM (IST)
आधी आबादी ने लिया संकल्प, लगाएंगी वट का पौधा

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : पेड़-पौधे के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। चाहे वह मनुष्य हो या जीव-जंतु सभी के लिए वृक्ष का विशेष महत्व है। हिदू धर्म शास्त्रों में कई प्रकार के पेड़-पौधों को पूजनीय माना गया है। इसमें वट (बरगद) का पेड़ भी शामिल है। माना जाता है कि वट के पेड़ के अलग-अलग हिस्सों में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का वास है। महिलाएं वट सावित्री की पूजा के दौरान वट के पेड़ की पूजा करती हैं। लेकिन अब वट के पेड़ बहुत कम देखने को मिलते हैं। ऐसे में किसी विशेष अवसर पर महिलाएं उसकी टहनी को पूजती हैं। इस बार 10 जून को वट सावित्री की पूजा है। ऐसे में दैनिक जागरण 'वट से बांधे सांसों की डोर' नाम से अभियान चला रहा है। इस अभियान से जुड़ कर महिलाओं ने इस बार पूजा के दौरान वट का एक पौधा लगाने का संकल्प लिया है। प्रस्तुत है अभियान की तीसरी कड़ी।

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मैं संकल्प लेती हूं कि..

''घर के मंदिर के नजदीक एक वट वृक्ष है। हम लोग वहीं पूजा करने जाते हैं। यहां अन्य मोहल्ले की भी महिलाएं आती हैं। इस बार वट सावित्री पूजा के दौरान वट का पौधा लगाने संकल्प लिया है। साथ ही पड़ोस की महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हूं।

-बीना कुमारी गुप्ता, मंत्री, अभया महिला सेवा संस्थान। ''वट सावित्री व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए करती हैं। वट के गुणों के बारे में बताया जाए तो यह अधिक आक्सीजन देने वाला वृक्ष है। इसमें औषधीय गुण भी हैं। इस बार इसे लगाने का संकल्प लेती हूं। ऐसे स्थान पर लगाउंगी, जहां समाज की महिलाएं भी आकर पूजा कर सकें।

-अर्चना तिवारी, कोषाध्यक्ष, महिला मंडल जनसेवा समिति।

कोरोना काल में आक्सीजन के अभाव में बहुत लोगों ने दम तोड़ दिया। अपनों को खोने वाले परिवार आज भी परेशान हैं। कई संक्रमित लोग अभी जूझ रहे हैं। वट अन्य पेड़ों के मुकाबले पांच गुणा अधिक आक्सीजन देता है। इसलिए हम संकल्प लेते हैं इस बार वट सावित्री व्रत पर एक वट का पौधा जरूर लगाएंगे।

-रिकी प्रशांत, नारी शक्ति सेवा संस्थान।

वट वृक्ष गुणों की खान है। वट वृक्ष का पूजन महिलाएं पति की लंबी आयु ,सुख-समृद्धि व अखंड सौभाग्य के लिए प्राचीन काल से करतीं आ रही हैं। इस बार संकल्प लेती हूं कि वट सावित्री व्रत पर एक वट का पौधा लगाऊंगी और इसकी सुरक्षा का भी संकल्प लूंगी। यह भी ख्याल रखूंगी कि हमारी पूजन विधि से इसको किसी भी तरह का नुकसान न हो।

-अंशू अस्थाना, नारी शक्ति सेवा संस्थान।

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