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शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार को चेताया

जासं, आजमगढ़ : उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने विभिन्न मांगों लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि शिक्षकों की उपलब्धियों से छेड़छाड़ सरकार को भारी पड़ेगी। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। प्रदेश महामंत्री इंद्रासन सिंह ने कहा कि शिक्षकों ने संघर्षाें व बलिदान के बल पर जो उपलब्धियां प्राप्त की हैं, सरकार उसके साथ छेड़छाड़ करती आ रही है। यह अब शिक्षकों की सहन शक्ति के बाहर हो रहा है। शिक्षकों का सब्र टूटेगा तो सरकार तिनके की तरह बिखर जाएगी। जिलाध्यक्ष बृजेश राय व जिलामंत्री विजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने सबसे पहले 2005 से नियुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पेंशन को समाप्त कर बुढ़ापे का सहारा छीन लिया। उसके बाद शिक्षक समाज को अपमानित करने के लिए विद्यालय खुलने व बंद होते समय बायोमिट्रिक मशीन में उपस्थित दर्ज कराने का फरमान जारी किया गया। सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकार्डर तथा प्रेरणा एप व्यवस्था की अनिवार्यता कर शिक्षकों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। इतना ही नहीं 18-19 दिसंबर को शिक्षा सेवा आयोग के गठन संबंधी विधेयक पास कर आयोग की धारा-18 पर हमला बोल दिया गया। वशिष्ठ सिंह, मुन्नू यादव, डा. वीरेंद्र कुमार मौर्य, अखिलेश गुप्ता, रमेश उपाध्याय, प्रभुनाथ मिश्र, अरुण राय, गिरीश यादव, राजेश भारती, संतोष, सविता, अनिल राय, रामबिहारी सिंह, मोनिका कुशवाहा, प्रभाकर राय आदि थे।

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