छोटी नदिया उफान पर, कई इलाकों में घुसा पानी

- बाढ़ -अभी तक जल निकासी की व्यवस्था नाकाफी कई रास्ते अभी भी पानी में डूबे -घरों मे

JagranWed, 22 Sep 2021 07:21 PM (IST)
छोटी नदिया उफान पर, कई इलाकों में घुसा पानी

- बाढ़ ::::

-अभी तक जल निकासी की व्यवस्था नाकाफी, कई रास्ते अभी भी पानी में डूबे

-घरों में भी दो से तीन फीट तक बारिश का पानी जमा

-मच्छरों का प्रकोप, संक्रामक बीमारियों की फैलने की आशंका जागरण संवाददाता, आजमगढ़: एक सप्ताह पूर्व हुई अतिवृष्टि से जिले की छोटी नदियां अभी उफान पर हैं। दुर्वासा धाम पर तममा व मंजूसा नदी, बेसो नदी, कुंवर नदी सहित जिले की सभी छोटी नदियां पानी से लबालब हैं। ताल-पोखरों के भर जाने से धान की फसल डूब गए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।इधर, शहर के निचले इलाकों के लोगों की जलजमाव से स्थिति बदतर होती जा रही है। शहर के चारों तरफ निचले इलाकों में जमा पानी को बाहर निकालने की प्रशासनिक कवायद अभी तक नाकाफी साबित हुई है। लोगों के घरों में अभी भी दो से तीन फीट तक पानी लगा है। काफी संख्या में लोगों ने दूसरे स्थानों पर शरण ली ही। दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।

निचले इलाकों से अभी तक बारिश का पानी न निकलने से कई रास्ते बंद हैं तो जहां कम पानी है, उन सड़कों पर आवागमन कुछ हद तक शुरू हो गया है लेकिन यदि पानी और कुछ दिन रुका रहा तो सड़कें टूट जाएंगी। शहर के हीरापट्टी, प्रह्लाद नगर ब्रह्मस्थान, शिवा जी नगर, कोट किला, धर्मूनाला, रैदोपुर, आफिसर्स कालोनी के पीछे चांदमारी कालोनी, घोरठ, परानापुर, नरौली से सिधारी हाइडिल चौराह मार्ग के दक्षिण, बागेश्वर नगर, कोल बाजबहादुर, कोल पांडेय, कोडर अजमतपुर, गुरुटोला, रामघाट आदि मोहल्लों की लगभग 50 हजार आबादी अभी भी जलभराव से प्रभावित है। स्थिर हो चुके पानी से उठ रही दुर्गंध से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है तो संक्रामक बीमारियों के फैलने की आाशंका बढ़ गई है।

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