पहले डिपो फिर क्लिक करें बस नंबर, सारी तस्वीर सामने

अक्सर ऐसा होता है कि जिस रोडवेज बस में बैठिए उसी सीट फटी हुई खिड़कियों के शीशे ढीले और सीट के आसपास गंदगी बसों को सैनिटाइज किया गया या नहीं इसकी भी जानकारी नहीं हो पाती लेकिन कुछ ही दिनों बाद ऐसा नहीं होगा। इसके लिए विभाग ने सुरक्षित यात्रा एप लांच किया है और उस पर डाटा अपलोडिग का काम शुरू हो गया है।

JagranTue, 21 Jul 2020 05:08 PM (IST)
पहले डिपो फिर क्लिक करें बस नंबर, सारी तस्वीर सामने

संजय श्रीवास्तव

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : अक्सर ऐसा होता है कि जिस रोडवेज बस में बैठिए, सीट फटी हुई, खिड़कियों के शीशे ढीले और सीट के आसपास गंदगी, बसों को सैनिटाइज किया गया या नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं हो पाती लेकिन कुछ दिनों बाद ऐसा नहीं होगा। इसके लिए विभाग ने सुरक्षित यात्रा एप लांच किया है और उस पर डाटा अपलोडिग का काम शुरू हो गया है।

आपको अगर रोडवेज बसों से यात्रा करनी है तो अब चिता की बात छोड़ दीजिए। रोडवेज ने सुरक्षा की गारंटी देने के लिए अपने बसों की कंडीशन को आप तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिस रूट पर आपको यात्रा करनी है उस रूट और डिपो का नाम क्लिक करते ही सभी बसों के नंबर आपके सामने होंगे और बस नंबर क्लिक करने पर उसकी तस्वीर सामने होगी। विभाग की ओर से सुरक्षित यात्रा एप लांच करने के पीछे मकसद यह कि यात्रियों का विश्वास रोडवेज के प्रति बढ़े और विभाग की आमदनी अच्छी हो। पहली जुलाई को लांच एप में बसों के शीशे, दरवाजे और खिड़कियों के साथ उसकी सीट की कंडीशन भी अपलोड किए जा रहे हैं। कोरोना काल को देखते हुए यह भी जानकारी एप के माध्यम से मिलेगी कि कौन सी बस कब सैनिटाइज की गई है। उसका चालक किस कंडीशन में है।

पूरे प्रदेश के रोडवेज बसों का डाटा फीड करने का निर्देश दिया गया है। डाटा सुरक्षित यात्रा एप के तहत फीड किया जा रहा है। आजमगढ़ परिक्षेत्र में रोडवेज की 410 बसों का डाटा फीड किया जा रहा है। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। बसों को रूट पर भेजने से पहले सैनिटाइज किया जाएगा। इसका भी डेली डाटा फीड किया जाएगा। यात्रियों को यात्रा करते समय पता चल जाएगा कि कौन सी गाड़ी सैनिटाइज है और सुरक्षित है। लंबी दूरी की गाड़ियों की 13 बिदुओं की सूचना अपलोड की जा रही है। दस दिन के अंदर कार्य पूर्ण कर लिए जाएगी। वर्जन:::

रोडवेज ने सुरक्षित यात्रा एप लांच किया है। इसमें सभी बसों का डाटा फीड किया जाएगा। बस को रूट पर भेजने से पहले विभागीय अधिकारी उसकी फोटो अपलोड करेंगे ताकि यात्री बस बैठने से पहले गाड़ी का लोकेशन जान सकेंगे। यही नहीं सीट पर बैठने से पहले यह भी चेक किया जाएगा कि कहीं चालक नशे की हालत में तो नहीं है।

- ललित श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.