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तंबाकू सेवन से भारत में प्रतिवर्ष नौ लाख मौतें

जासं, आजमगढ़ : सीएमओ कार्यालय सभागार में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्साधिकारी, कम्युनिटी हेल्थ आफिसर एवं स्टाफ नर्स को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान धूम्रपान एवं धूम्रपान रहित तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। सीएमओ डा. एके मिश्र ने बताया कि मुंह के कैंसर तथा दुनिया में होने वाली लगभग 60 लाख मौतें तंबाकू के सेवन से होती हैं। जबकि भारत में प्रतिवर्ष लगभग नौ लाख लोगों की मौत हो रही है। इसके सेवन से बच कर होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। तंबाकू सेवन पर नियंत्रण के लिए दंड का विधान है। सभागृह, अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों व अन्य कार्य स्थल पर धूम्रपान करना अपराध है। इसके अंतर्गत धारा-4 के तहत दंड का विधान है। धारा-5 के अंतर्गत तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध है। धारा 6अ में 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू बेचना प्रतिबंधित है। धारा-6ब में शैक्षणिक संस्थानों से 100 गज की परिधि में तंबाकू बेचना प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान छोड़ने के 20 मिनट बाद हृदय गति सामान्य हो जाएगी। छोड़ने के 24 घंटे बाद कार्बन मोनो आक्साईड शरीर से बाहर निकल जाती है। इस दौरान तंबाकू सेवन न करने, बच्चों व समाज को इससे दूर रखने की बात कही गई। नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डा. परवेज अख्तर, अरविद कुमार आदि मौजूद थे।

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