दुर्गा पूजा व दशहरा पर नई परंपरा की अनुमति नहीं

-प्रशासन सतर्क -कोविड-19 के प्रोटोकाल व गाइडलाइन का कड़ाई से कराया जाएगा अनुपालन - स

JagranFri, 24 Sep 2021 07:11 PM (IST)
दुर्गा पूजा व दशहरा पर नई परंपरा की अनुमति नहीं

-प्रशासन सतर्क :::

-कोविड-19 के प्रोटोकाल व गाइडलाइन का कड़ाई से कराया जाएगा अनुपालन

- सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए होंगे प्रभावी उपाय

- असामाजिक व अराजक तत्वों की सूची तैयार करने का निर्देश जागरण संवाददाता, आजमगढ़: शारदीय नवरात्रि (दुर्गा पूजा) व दशहरा का पर्व को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से तैयारी तेज हो गई है। इस दौरान कोविड-19 के प्रोटोकाल व गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जिलाधिकारी राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि असामाजिक व सांप्रदायिक तत्वों की सूची तैयार कर ली जाए। जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर इन सांप्रदायिक एवं अवांछनीय तत्वों के विरुद्ध कड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की सके। थानों के समस्त प्रभारी निरीक्षक व पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक छोटी से छोटी घटना को गंभीरता से लेकर तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण करें। विवाद को हल करने और सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए कड़े एवं प्रभावी उपाय सुनिश्चित करें। कस्बों, बाजार, मोहल्लों में पूर्व में गठित शांति समितियों की बैठक आयोजित कर संभ्रांत नागरिकों, शांति समितियों के सदस्यों का सक्रिय सहयोग प्राप्त कर लिया जाए। उन्होंने एसपी सुधीर कुमार सिंह से कहा है कि समस्त पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अभिसूचना कर्मियों की ब्रीफिग कर निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के लिए निर्देशित करें।

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दुर्गा पूजा पंडाल व रामलीला मंच स्थापना को लेनी होगी अनुमति ::::

जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा पंडाल व रामलीला मंच के स्थापना की अनुमति प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि सार्वजनिक आवागमन प्रभावित न हो। प्रतिमाओं की स्थापना पारंपरिक लेकिन खाली स्थान पर की जाए। उनका आकार यथा संभव छोटा रखा जाए और मैदान की क्षमता से अधिक लोग न रहें।

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प्रतिमा विसर्जन में छोटे वाहनों का प्रयोग, कम से कम लोग होंगे शामिल:::

प्रतिमाओं के विसर्जन में यथा संभव छोटे वाहनों का प्रयोग किया जाए। विसर्जन कार्यक्रम में कम से कम व्यक्ति ही शामिल हों। विर्सजन के रूट प्लान, विर्सजन स्थान का चिह्नाकन अधिकतम व्यक्तियों की संख्या का निर्धारण शरीरिक दूरी का पालन जैसे बिदुओं की पूर्व में ही योजना बना ली जाए और इसे ²ढ़ता से लागू किया जाए।

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रामलीला मंचन व शोभा यात्राओं पर रहेगी पैनी नजर:::

दशहरा पर्व के पहले से ही कई स्थानों पर रामलीला का मंचन प्रारंभ हो जाता है, जो दशहरा के बाद तक चलता रहता। रामलीला के दौरान विभिन्न तिथियों में शोभा यात्राएं बड़ी श्रद्धा व धूम धाम से निकाली जाती है। दशहरा के दिन जिले के लगभग सभी छोटे-बड़े बाजारों में दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है। इन अवसरों पर भी विशेष सर्तकता बरतते हुए तहसील, थानास्तरीय अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।

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