व्यापारियों संग बंदी का पालन कराने उतरी खाकी

व्यापारियों संग बंदी का पालन कराने उतरी खाकी

-बंदी की अवधि बढ़ने के साथ बढ़ी ग्राहकों व दुकानदारों की बेचैनी -लगन के सीजन में किसी को

JagranWed, 05 May 2021 06:11 PM (IST)

-बंदी की अवधि बढ़ने के साथ बढ़ी ग्राहकों व दुकानदारों की बेचैनी

-लगन के सीजन में किसी को कपड़ा तो किसी को खरीदना है बर्तन

-ग्रामीण क्षेत्रों में भी वही हाल, दुकान खोलने पर सता रहा कार्रवाई का डर

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : बंदी का पालन कराने के लिए बुधवार को शहर में खाकी को भी उतरना पड़ा। किसी को शिकायत का मौका न मिले, इसके लिए पुलिस ने भ्रमण के दौरान व्यापारी नेताओं को भी आगे रखा। कोरोना संक्रमण रोकने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पुलिस ने व्यापार मंडल अध्यक्ष पद्माकर वर्मा उर्फ गुट्टुर सेठ, व्यापारी उज्ज्वल वर्मा आदि साथ पहाड़पुर, तकिया, पुरानी कोतवाली, चौक, बड़ादेव, पुरानी सब्जी मंडी, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में भ्रमण कर बंदी का पालन कराया। साथ ही मास्क लगाने व शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील की। रोडवेज तिराहे व सिविल लाइन क्षेत्र में चौकी प्रभारी कमलकांत वर्मा व चौकी प्रभारी एलवल संजय तिवारी ने बिना मास्क के मिले लोगों से जुर्माना वसूला।

हालांकि, शहर में व्यापारी वर्ग शुरू से ही बंदी का पालन कर रहा है, लेकिन पुलिस ने भ्रमण कर उन लोगों को भी संदेश दे दिया जो निर्धारित समय के बाद आधा शटर खोलकर व्यापार करते थे। दूसरी ओर बंदी की अवधि बढ़ने के साथ लोगों की बेचैनी भी बढ़ने लगी है। बेचैनी का कारण यह कि दो दिन की बंदी को ध्यान में रखकर तमाम लोगों ने उसके अनुसार अपने घर की व्यवस्था की थी लेकिन अचानक दो दिन के बाद अब 10 मई तक बंदी की घोषणा कर दी गई। हालांकि, किराना को भी जरूरी सामानों में शामिल करते हुए खोलने का आदेश है लेकिन उसके अलावा तमाम जरूरतें ऐसी हैं, जिसे पूरा करना मुश्किल होगा। लगन के सीजन में किसी को कपड़े की जरूरत है तो किसी को निमंत्रण में देने के लिए बर्तन खरीदना है।

फूलपुर : लगन में कमाई की उम्मीद लगाए व्यापारियों को लंबी बंदी के कारण निराशा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ लोग चोरी- छिपे दुकान खोलकर सामान बेच रहे हैं, लेकिन उन्हें भय है कि कहीं दो पैसा कमाने के चक्कर में प्रशासनिक कार्रवाई की जद में न आ जाएं। कुछ व्यापारी ऐसे हैं जो दुकान के सामने अकेले बैठकर ग्राहक का इंतजार करते हैं। पुराने ग्राहकों को देख उनकी जरूरत पूछते हैं और शटर उठाकर दुकान के अंदर से सामान लाकर ग्राहक को देकर फिर अपनी जगह पर बैठ जाते हैं। प्रशासन के लोग भ्रमण भी करते हैं तो शटर गिरा होने के कारण ध्यान नहीं दे पाते। ग्राहकों की भी समस्या बढ़ी है और वह यह कि शादी का दिन पड़ गया है तो कपड़ा से लेकर हर जरूरी सामान खरीदना ही है। बाजार बंद होने से सामान का मिलना मुश्किल हो गया है।

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