..आखिर रिजवान को कैसे मिल जाते थे आक्सीजन के ज्यादा सिलेंडर

--बड़ा सवाल -कतिपय निजी अस्पतालों को ही आपूर्ति करने का उसके पास था लाइसेंस -री-फीलिग

JagranSun, 09 May 2021 05:32 PM (IST)
..आखिर रिजवान को कैसे मिल जाते थे आक्सीजन के ज्यादा सिलेंडर

--बड़ा सवाल ::::

-कतिपय निजी अस्पतालों को ही आपूर्ति करने का उसके पास था लाइसेंस

-री-फीलिग सेंटर पर वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के हैं पुख्ता इंतजाम

जागरण संवाददाता, आजमगढ़: जिले में आक्सीजन भरे सिलेंडर के कालाबाजारी का एक प्रकरण सामने आने के बाद जिले की जनता जानना चाहती है कि आखिर एक आरोपित रिजवान को अधिक संख्या में उपलब्धता कैसे हो जाती थी?, सवाल तो वाजिब है लेकिन जवाब तो अब प्रशासन और वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिसकी जिम्मेदारी है, वही दे सकते हैं।

आक्सीसन सिलेंडर की कालाबारी में कंधरापुर थाना अंतर्गत ग्राम मोर्चा मुजफ्फरपुर सिलनी निवासी रिजवान तो गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन एक अपने पीछे एक बड़ा सवाल भी छोड़ गया है। आखिर जब उसे निर्धारित कतिपय निजी अस्पतालों में ही आक्सीसन सिलेंडर आपूर्ति करने का लाइसेंस मिला था, उसके जिले के अन्य कतिपय निजी अस्पतालों की डाक्टरों की पर्ची पर कैसे री-फीलिग सेंटर से आक्सीजन भरे सिलेंडर मिल जाते थे। जबकि आक्सीजन की कालाबाजारी रोकने और कोरोना संक्रमित मरीजों को सुगमता से उपलब्धता के लिए जिलाधिकारी ने मजिट्रेटों के साथ पूरी टीम ही गठित कर जिम्मेदारी सौंपी है। एकरामपुर स्थित री-फीलिग सेंटर के बाद परिषदीय विद्यालय जाफरपुर से वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शिफ्टवार मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सिधारी थाने की पुलिस की भी तैनाती सुनिश्चित की गई है। वितरण स्थल पर होम आइसोलेट मरीजों के स्वजन खाली सिलेंडर लेकर सुबह से शाम तक खड़े रहते हैं। कब उनका नंबर आएगा पता नहीं। मिल गया तो ठीक नहीं तो निराश मन से वापस हो गए। उसके बाद फिर वही जुगाड़ तलाशने लगते हैं कि किसी तरह आक्सीजन भरा सिलेंडर मिल जाए और उनके मरीज की जान बच जाए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.