खौफ पर आस्था भारी, मंदिरों में दर्शन को उमड़ी भीड़

खौफ पर आस्था भारी, मंदिरों में दर्शन को उमड़ी भीड़

जागरण संवाददाता आजमगढ़ पिछले वर्ष भी कोरोना का संकट और अबकी भी लेकिन अबकी मंदिरों

JagranTue, 13 Apr 2021 05:47 PM (IST)

जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : पिछले वर्ष भी कोरोना का संकट और अबकी भी लेकिन अबकी मंदिरों के कपाट खुले रहे और हर तरफ कोरोना के खौफ पर आस्था भारी पड़ती दिखी। हालांकि, प्रमुख देवी मंदिरों में शासन की गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पुजारी से लेकर पुलिस तक लगी हुई थी। पहले दिन मंगलवार होने के कारण भी भीड़ कुछ ज्यादा दिखी। लोगों ने मां का दर्शन-पूजन करने के बाद हनुमान जी की भी आराधना की।

बड़ादेव स्थित दुर्गा-हनुमान मंदिर में परिसर के बाहर रस्सी बांधी गई थी और लोग दूर से ही दर्शन-पूजन कर रहे थे। जिसको प्रसाद चढ़ाना था वह अंदर मौजूद पुजारी को दे रहा था और भोग लगाने के बाद पुजारी उसे वापस कर रहे थे। शहर के मुख्य चौक स्थित दक्षिणमुखी देवी दरबार में ज्यादा भीड़ रही। यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिग की गई थी। अधिकतर लोग मास्क लगाकर पहुंचे थे और जो मास्क नहीं लगाया था उसे गमछा बांधने की सलाह दी जा रही थी। गाइडलाइन का पालन कराने के लिए पुजारी के साथ पुलिस भी लगी हुई थी। भीड़ के कारण बीच-बीच में शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा था तो उसके लिए पुजारी परिवार आगे आ रहा था।

शहर के दक्षिणमुखी देवी मंदिर में पहले दिन तिल रखने की जगह नहीं बची थी। अंदर तो लोग शारीरिक दूरी का पालन दबाव में ही सही, कर रहे थे लेकिन बाहर जगह कम होने के कारण दूरी नहीं बन पा रही थी। रैदोपुर कालोनी स्थित मंदिर में भी पूजन-अर्चन का क्रम सुबह से ही शुरू हो गया था। मंदिरों के आसपास नारियल-चुनरी की दुकानें सजी थीं तो वहीं फलाहार और खिलौना-गुब्बारा बेचने वालों ने भी दुकान लगा रखी थीं।

उधर घरों में कलश स्थापना के बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ आरंभ किया गया। लोगों ने व्रत रखकर मां की आराधना की। जिसके यहां कलश की स्थापना नहीं होती वहां दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया। इस तरह से निजामाबाद में शीतला धाम, पल्हना में पाल्हमेश्वरी धाम, महुजा में माता अठरही धाम पर दर्शन-पूजन का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.