सीटी स्कैन पर बिजली की मार, मरीज हलकान

= उदासीनता - तीन माह से लो-वोल्टेज की समस्या से खड़ी हो रही मुश्किल - निजी क्षेत्र में दो हज

JagranThu, 23 Sep 2021 06:42 PM (IST)
सीटी स्कैन पर बिजली की मार, मरीज हलकान

= उदासीनता

- तीन माह से लो-वोल्टेज की समस्या से खड़ी हो रही मुश्किल

- निजी क्षेत्र में दो हजार से दस हजार रुपये तक किए जाते हैं चार्ज

जागरण संवाददाता, बलरामपुर(आजमगढ़): स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था देने का दावा भले ही करे, लेकिन मौके की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। सीटी स्कैन मशीन पिछले तीन माह से लो-वोल्टेज की मार झेल रही है। सिटी स्कैन न हो पाने के कारण रोजाना सैकड़ों मरीज वापस लौट रहे हैं। बीते एक सप्ताह से तो बिजली का ही टोटा होने से एक-दम से काम ठप है। सबकुछ जानने के बावजूद जिम्मेदार खामोश हैं तो गरीब जेब ढीली करने को विवश है।

मंडलीय जिला अस्पातल में मरीजों के लिए दो सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। इसमें एक अस्पताल की मशीन तो दूसरी निजी कंपनी ने लगाई है। हालांकि, भुगतान दोनों का सरकार ही करती है। अस्पताल की मशीन से मारपीट संबधित मुआयना वालों का सीटी स्कैन होता है तो वही प्राइवेट में कृष्णा डाइगोनोस्टिक प्राइवेट लिमटेड द्धारा सीटी स्कैन की मशीन लगाई गई। जिसमें प्रदिदिन दोनो मशीनों को मिलाकर देखा जाय तो औसतन 100 से 120 मरीज आते है। लेकिन लो-वोल्टेज और बिजली की समस्या से लगभग पांच से दस मरीजों का ही सीटी स्कैन होता है। जिसके लिए मरीजों को प्राइवेट का सहारा लेना पड़ता है जिसके लिए दो हजार से लेकर दस हजार रूपये का खर्च पड़ता है और आसपास के लोगों को आए दिन मरीज यही उम्मीद लगी रहती है कि अस्पताल में सरकार द्धारा लगाए गये नि:शुल्क सीटी स्कैन मशीन का लाभ मिलेगा लेकिन मौजूदा समय में अस्पताल की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गयी है, जिससे भर्ती मरीजों के लिए भी मुश्बित बन गई है।

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वर्जन:: जिला अस्पताल की बिजली व्यवस्था केबिल के जल जाने के कारण आपूर्ति बाधित रहती है क्योकि सीटी स्कैन की मशीन का लोड ज्यादा और केबिल कमजोर होने के कारण बार-बार आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे मरीजों को परेशनियों का सामना करना पड़ता है। जिसके लिए शासन को पांच लाख का डिमांड पत्र भेज दिया है जिसके मिलते ही विद्युत आपूर्ति सुचार रूप से पहले की हो जाएगी।,डा.अनूप कुमार सिंह, प्रमुख अधिक्षक मंडलीय जिला अस्पताल

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