अभिलेखों में हेराफेरी कर नवीन परती की भूमि करा ली अपने नाम

- फर्जीवाड़ा - अमलदरामद रजिस्टर पर भी काटकर फर्जी तरीके से दर्ज करने का प्रयास -

JagranFri, 17 Sep 2021 01:55 AM (IST)
अभिलेखों में हेराफेरी कर नवीन परती की भूमि करा ली अपने नाम

- फर्जीवाड़ा :::::

- अमलदरामद रजिस्टर पर भी काटकर फर्जी तरीके से दर्ज करने का प्रयास

- बिना बार कोड के तत्कालीन उप जिलाधिकारी का लगाया फर्जी आदेश

- आरके व खतौनी में दर्ज करने वाले कंप्यूटर आपरेटर पर कार्रवाई जागरण संवाददाता, लालगंज (आजमगढ़) : लालगंज तहसील के रामपुर बढ़ौना गांव निवासी एक व्यक्ति ने अभिलेखों में हेराफेरी कर सरकारी भूमि अपने नाम करा लिया। निरीक्षण में पोल खुली तो आरोपित के खिलाफ देवगांव कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। साथ ही फर्जी आदेश को निरस्त कर सरकारी भूमि को ग्राम सभा के खाते दर्ज किया गया। एसडीएम ने रजिस्ट्रार कानूनगो (आरके) और खतौनी में नाम दर्ज करने वाले कंप्यूटर आपरेटर के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।

एक मई 2018 को तत्कालीन एसडीएम का एक विनिमय का आदेश दर्ज है। जिसमें नवीन परती की भूमि को एक्सचेंज किया गया है। रामपुर बढ़ौना गांव निवासी जय प्रकाश ने नवीन परती की 67 हेक्टेयर जमीन को अपनी भूमि से बदल लिया। उसमें बार कोड और कंप्यूटराइज आदेश नहीं है। यहां तक की मुकदमा भी दर्ज नहीं है। जबकि राजस्व परिषद का निर्देश है की बिना बार कोड के मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता। अमलदरामद रजिस्टर पर भी काटकर फर्जी तरीके से नाम दर्ज करने का प्रयास किया गया है। प्रकरण में तत्काल मुकदमा दर्ज कर आदेश को निरस्त कर भूमि ग्राम सभा में दर्ज की गई है।

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भू-माफियाओं पर भी हुई कार्रवाई:::

अछीछी गांव में लगभग सात हेक्टेयर ग्राम सभा की भूमि (ऊसर, चरागाह और तालाब) पर रविद्र पुत्र रामजीत ने अभिलेखों में फर्जी इंद्राज कराते हुए अपने नाम दर्ज करा लिया। जिसे खारिज कर पुन: ग्राम सभा के खाते में दर्ज कर दिया गया। हिलालपुर निवासी अमरावती पर भी देवगांव कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। तत्कालीन एसडीएम का फर्जी स्थगन जारी कराने वाले जयप्रकाश पुत्र सागर निवासी गांव लहुआखुर्द के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। रामआसरे निवासी चिल्लूपर ने अभिलेखों में कूटरचित नकल लगाकर फर्जी आदेश कराकर 1.445 एकड़ सरकारी भूमि अपने नाम दर्ज करने का प्रयास किया था। मुड़हर निवासी राममिलन पुत्र चंद्रिका ने अपना नाम फर्जी बढ़ाकर फर्जी नकल तैयार कर 0.259 एकड़ भूमि पर अपना नाम दर्ज कराने के लिए मुकदमा दाखिल किया था, जिससे खारिज कर कार्रवाई की गई। संजय शिक्षा निकेतन सिधौना की ओर से बंजर भूमि पर मान्यता लिए जाने पर उसकी रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई, जिसके निरस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है।

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