एनपीके उर्वरक के प्रयोग के लिए किसानों को करें जागरूक

जागरण संवाददाता औरैया डीएपी की कमी किसानों को सता रही है। जिसको लेकर शासन स्तर पर

JagranMon, 25 Oct 2021 11:22 PM (IST)
एनपीके उर्वरक के प्रयोग के लिए किसानों को करें जागरूक

जागरण संवाददाता, औरैया : डीएपी की कमी किसानों को सता रही है। जिसको लेकर शासन स्तर पर समस्या निस्तारण के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद जिलाधिकारी ने कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को एनपीके(नाइट्रोजन,फास्फोरस,पोटाश) उर्वरक का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया जाए। यह खाद भी डीएपी (डाइ अमोनियम फास्फेट) के इतनी ही गुणवत्तापूर्ण है। इसके साथ ही जितनी खाद का आवंटन जिले को किया जाए उसके वितरण में पारदर्शिता का ध्यान रखा जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

खाद की समस्या को लेकर शासन स्तर से जिलाधिकारियों को वीसी के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद डीएम सुनील कुमार वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को एनपीके उर्वरक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए। डीएपी व एनपीके का काम एक ही है। एनपीके की दो वैरायटी उपलब्ध हैं। जागरूकता से ही समस्या का समाधान संभव हो सकता है। इसके साथ ही खाद के वितरण पर पैनी नजर रखी जाए। आवंटित खाद का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाए। अगर कहीं से किसी तरह की समस्या का मामला सामने आता है तो मौके पर जाकर उसका निस्तारण कराया जाए। उप कृषि निदेशक डॉ अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि खाद प्रबंधन को लेकर वीसी के माध्यम से निर्देश मिले हैं। जिलाधिकारी ने भी समस्या से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि डीएपी की एक बोरी 1200 रुपये की है जबकि एनपीके (12,32,16) 1450 व एनपीके (10,26,26) 1440 रुपये प्रति बोरी है।

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