गर्भवती का निजी अस्पताल में मुफ्त अल्ट्रासाउंड

गजरौला : गर्भवती महिलाओं का अब निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड होगा। इसका खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने से पूर्व कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद वह पैनल के अल्ट्रासाउंड केंद्र में अल्ट्रासाउंड करा सकेंगी।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड अब निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मुफ्त कराने की सुविधा उन्हें प्रत्येक महीने की नौ तरीख को मिलेगी। गजरौला समेत जिले में ऐसे आधा दर्जन अल्ट्रासाउंड केंद्रों का चयन स्वास्थ्य विभाग ने किया है। अल्ट्रासाउंड केंद्र को 150 रुपये का भुगतान विभाग करेगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले के आधा दर्जन अल्ट्रासाउंड केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं कि वे प्रत्येक महीने की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सुविधा दें। इसका पूरा रिकॉर्ड रखें। इसका भुगतान 150 रुपये प्रति महिला अल्ट्रासाउंड केंद्रों को किया जाएगा।

निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर 400 से 800 रुपये तक अल्ट्रासाउंड की फीस ली जाती है। ऐसी स्थिति में गरीब तबके की गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड नहीं करा पाती। इसी परेशानी को देखते हुए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराने का निर्णय लिया गया है। जांच के बाद अगर गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कराना है तो स्त्रीरोग विशेषज्ञ को इसके लिए एक कूपन महिला को देना होगा। उस कूपन से महिला सरकारी अस्पताल से अनुबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर अल्ट्रासाउंड करा सकती हैं। गजरौला में नौ सितंबर को 130 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड कराये गए हैं। डा.योगेंद्र ¨सह, चिकित्साधीक्षक गजरौला। निजी अस्पतालों की स्त्री रोग विशेषज्ञ देंगी मुफ्त सेवाएं

गजरौला : प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के अनुसार निजी अस्पतालों में कार्यरत कुछ विशेषज्ञ चिकित्सक नौ तारीख को ही सरकारी अस्पतालों में भी महिलाओं की जांच के लिए निशुल्क सेवाएं देने आ सकती हैं। इसके लिए विभाग एक पोर्टल तैयार कर रहा है। कब और क्यों कराया जाता है अल्ट्रासाउंड

सीएचसी चिकित्साधीक्षक डा.योगेंद्र ¨सह ने बताया कि आमतौर पर गर्भवती महिलाओं का गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के आसपास अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। इस अल्ट्रासाउंड में विशेषज्ञ देखते हैं कि गर्भाशय में बच्चे का विकास ठीक से हो रहा है या नहीं। बच्चे के दिल की धड़कन, शरीर, हाथ और पैर की क्रियाशीलता को भी देखा जा सकता है। गर्भावस्था में कम से कम दो बार गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जाती है। पहला 8 से 14 वें हफ्ते में और दूसरा 18वें और 21वें हफ्ते के बीच में कराते हैं।

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