top menutop menutop menu

चाइनीज राखियों से किया किनारा, खरीदी देशी राखियां

चाइनीज राखियों से किया किनारा, खरीदी देशी राखियां
Publish Date:Tue, 04 Aug 2020 12:03 AM (IST) Author: Jagran

अमरोहा : रक्षाबंधन पर भारत-चीन का तनाव का असर बाजार में दिखाई दिया। बाजार से चाइनीज राखियां गायब रहीं। बहनों ने भी चाइनीज राखियों से किनारा कर भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए देशी राखियों की ही खरीदारी की। इससे बाजार में देशी राखियों की ही डिमांड रही।

भारत-चीन सीमा विवाद का असर व्यापारियों से लेकर आम जनता में रक्षाबंधन पर दिखाई दिया। चाइनीज राखियों के बहिष्कार के चलते बाजार में देशी राखियों की डिमांड थी। दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों में रंग-बिरंगी देशी राखियां सजा रखी थी। बहनों ने देश प्रेम का परिचय देते हुए चाइनीज राखियों से किनारा कर भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए देशी राखियां ही खरीदीं। भाई-बहन, महाराजा, प्यारा भाई, गणेशजी, ऊं और फोटो वाली राखियों की जमकर बिक्री हुई।

कुछ दुकानदारों ने पिछले वर्ष की बची चाइनीज राखियों को बेचने के लिए रखा तो ग्राहक नजर अंदाज कर लौट गए। अमरोहा नगर के मोहल्ला कोट, शफातपोता, बाजार कटरा, बड़ा बाजार आदि जगह दुकानों से चाइनीज राखियां गायब थीं। सभी राखियां स्वदेशी थी। उनकी जमकर बिक्री हुई। ग्राहकों ने भी चाइनीज राखियों से किनारा कर देशी राखियां ही खरीदीं। बहनों ने आत्मनिर्भर अभियान के तहत राखियां बनाई

अमरोहा : शहर के बड़ा बाजार में राखी बेचने वाले दुकानदार दीपक कुमार ने बताया कि भारत-चीन सीमा विवाद और लॉकडाउन के चलते घरों में बहनों ने आत्मनिर्भर अभियान के तहत राखियां बनाई। इनमें ओल्ड फैशन, न्यू फैशन से लेकर कोरोना की राखियों का क्रेज देखने को मिला। यह राखियां गोल व अन्य डिजाइनों की हैं। इन राखियों में स्टोन के साथ मोती से जड़ी हुई है, जो ग्राहकों को खूब भाई। दुकानदार फहीम सलमानी आठ साल से रजबपुर में राखी बेच रहे हैं। उनका कहना है कि हर साल बाजार में चाइनीज राखियां बिकती थी, लेकिन इस बार दुकानदारों ने बेचने से किनारा कर लिया। केवल देशी ही राखियां बेची है। जिनकी डिमांड भी काफी थी। बहनों ने देशी राखियों को ही पसंद किया। कोरोना वायरस के कारण अबकी बार कम बिक्री जरूर हुई, लेकिन जो भी राखियां बिकीं वह सभी देशी थीं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.