सिर के बदले हाथ में हेलमेट, सीट बेल्ट भूल रहे लोग

अमरोहा यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस व परिवहन विभाग समय-समय पर अभियान चलाता है।

JagranSat, 25 Sep 2021 12:26 AM (IST)
सिर के बदले हाथ में हेलमेट, सीट बेल्ट भूल रहे लोग

अमरोहा: यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस व परिवहन विभाग समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाते हैं ताकि हादसों में कमी लाई जा सके। चंद दिन अभियान चलाकर फिर से व्यवस्था पुराने ढर्रे पर लौट आती है। वर्तमान में भी जिले में यही स्थिति है। लोग हेलमेट सिर पर लगाने के बजाए हाथ में लेकर चलते हैं। साथ ही सीट बेल्ट को भी गंभीरता से नहीं ले रहे। प्रत्येक चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के सिपाही केवल चंद चालान काट कर जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं।

सड़क हादसों की प्रमुख वजह यातायात नियमों की अनदेखी है। जिले में हाल ही में हुए कई ऐसे हादसे हुए जिनमें नियमों की अनदेखी पर लोगों की जान भी गई तथा नियमों का पालन करने पर जान भी बची है। आमतौर पर देखा जाए तो अधिकांश लोग यातायात नियमों की अनदेखी ही करते हैं।

दोपहिया वाहन पर हेलमेट न लगाना, तीन सवारी बैठा कर बाइक दौड़ाना, कार में सीट बेल्ट न लगाना आम बात है। हैरत की बात तो यह है कि ट्रैफिक पुलिस दिनभर में चंद वाहन चालकों का चालान कर इतिश्री करती है। जबकि उनके सामने से ही दिनभर लोग नियमों की अनदेखी करते हुए निकलते हैं। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए लोग हेलमेट तो लेकर चलते हैं लेकिन वह सिर पर लगाने के बजाए हाथ में टांग लेते हैं। यही स्थिति सीट बेल्ट की भी है। वाहन चालक सीट बेल्ट नहीं लगाते। करते नियमों का पालन को नहीं जाती जान

अमरोहा: हाल ही में जिले में कई ऐसे हादसे हुए हैं जिनमें वाहन चालकों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया था। नतीजतन हादसों में उनकी जान चली गई। गुरुवार को गजरौला में हुए हादसे में उत्तराखंड के बिजली विभाग के अधिकारी की मौत हुई है। बताते हैं कि वह सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। बीते माह जोया-सम्भल मार्ग पर गांव पलौला के पास हुए हादसे में बाइक सवार दो युवकों व कार चालक की मौत हुई थी। दोनों युवकों के पास हेलमेट नहीं था तथा कार चालक भी सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। जबकि मंगलवार को नौगावां सादात में हुए हादसे में युवक की जान हेलमेट के चलते ही बची थी। ट्रैफिक पुलिस के पास है पर्याप्त स्टाफ

अमरोहा: जिले में ट्रैफिक पुलिस के पास पर्याप्त स्टाफ है। एक टीएसआइ, 12 हेड कांस्टेबिल, 29 कांस्टेबिल के साथ 38 होमगार्ड व पीआरडी के जवान हैं। जिले के प्रमुख चौराहों पर इनकी तैनाती की गई है। ताकि यातायात व्यवस्था में सुधार किया जा सके। वाहन चालकों को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाता है। उनका चालान भी किया जा रहा है। अब ट्रैफिक पुलिस हादसों की वीडियो दिखा कर उन्हें यातायात के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करेगी।

धर्मेंद्र सिंह, टीएसआइ।

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