इलाज में लापरवाही से गई आतिफ की जान

हसनपुर मुहल्ला लालबाग निवासी मुहम्मद आतिफ की 15 अक्टूबर को बुखार के चलते मौत हो गई।

JagranPublish:Thu, 21 Oct 2021 12:52 AM (IST) Updated:Thu, 21 Oct 2021 12:52 AM (IST)
इलाज में लापरवाही से गई आतिफ की जान
इलाज में लापरवाही से गई आतिफ की जान

हसनपुर : मुहल्ला लालबाग निवासी मुहम्मद आतिफ की 15 अक्टूबर को बुखार के चलते मौत हो गई। इस मामले में मृतक के पिता ने क्लीनिक संचालक को जिम्मेदार ठहराया है।

कोतवाली में दी गई तहरीर में मृतक के पिता दिलशाद अहमद ने कहा है कि 13 अक्टूबर को उनके बेटे को अचानक बुखार आ गया। इलाज के लिए वह खंकरवाला कुआं स्थित बाल क्लीनिक पर ले गए। आरोप है कि क्लीनिक संचालक डॉ शारिक ने कुछ दवाइयां अपने क्लीनिक से दीं और कुछ नजदीक के मेडिकल से मंगवाईं। आरोप है कि थोड़ी थोड़ी देर में वह इंजेक्शन तथा डिप भी लगाते रहे। बीमारी पूछने पर कहा कि कोई परेशानी वाली बात नहीं है, ठीक कर दूंगा। आरोप है कि बुखार में डिप लगाने तथा मलेरिया न होने के बावजूद भी मलेरिया की गोली खिलाने से रात को 12 बजे हाईस्कूल के छात्र आतिफ की हालत इतनी खराब हो गई कि उसे दिमागी दौरे पड़ने के साथ आंखें पथराने लगी। हालत खराब देखकर आरोपित क्लीनिक संचालक ने इलाज से हाथ खड़े करके बाहर ले जाने को कहा। बेटे का जीवन बचाने के लिए आनन फानन में उसे लेकर पहले गजरौला पहुंचे लेकिन, हालत देखकर चिकित्सक ने भर्ती करने से मना करते हुए घर ले जाने को कहा। बाद में उसे लेकर मेरठ पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवाई एवं गलत इलाज दिए जाने से लड़के की हालत बिगड़ी है। उन्होंने थोड़ी देर रोककर भर्ती करने से मनाकर दिया। इसके बाद पिता बेटे को इधर उधर भटके लेकिन, 15 अक्टूबर को शाम चार बजे उसकी मौत हो गई।

मृतक के पिता का आरोप है कि बाल क्लीनिक संचालक के गलत इलाज से उनके बेटे की जान गई है। उन्होंने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। मेरे पास बैचलर आफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (बीएनवाइएस) की डिग्री है तथा एमडी की पढ़ाई कर रहा हूं। बालक के पिता भी मेडिकल लाइन से जुड़े हैं। उन्होंने जो दवाई लाकर दी थी वहीं लगाई गई।

- डॉ शारिक चौधरी, संचालक बाल क्लीनिक, मुहल्ला खंकरवाला कुआं हसनपुर।