किसान विरोधी है केंद्र का कृषि विधेयक

किसान विरोधी है केंद्र का कृषि विधेयक
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 07:34 PM (IST) Author: Jagran

अमरोहा: केंद्र सरकार के कृषि बिल के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने बिल को किसान विरोधी बताया। डीएम की मार्फत राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर बिल को मंजूरी न देने की मांग की।

गुरुवार को जिलाध्यक्ष चौधरी योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने लोकसभा व राज्यसभा में पारित हुए कृषि बिलों के विरोध में गेट पर धरना दिया। कहा, भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है और खेती को अमीरों के हाथों गिरवी करने के लिए शोषणकारी बिल लायी है।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल किसानों के साथ बड़ी साजिश है। कृषि और किसान ही होता है जो कठिन समय में देश की अर्थव्यवस्था संभालता था लेकिन, अब खेती पर बड़े उद्योगपतियों की नजर है। जिससे किसान मजदूर बन कर रह जाएगा। किसानों की खेती बर्बाद हो जाएगी। पूर्व विधायक अशफाक अली खां ने कहा कि भाजपा सरकार जब से सत्ता में आयी है, उसने अपनी नीतियों और कार्यों से किसान को त्रस्त कर रखा है। अभी धान की फसल में यूरिया और अन्य उर्वरक डालने के लिए किसान मारा फिर रहा था। यूरिया की जमकर कालाबाजारी हुई। किसान को मंहगे दामों पर यूरिया खरीदनी पड़ी। गन्ना किसानों की परेशानी जस की तस है। नया पेराई सत्र आने वाला है, लेकिन पिछले सत्र का करोड़ों रुपया बकाया है।

प्रदर्शन के बाद रालोद पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देकर कृषि बिलों को मंजूरी न देकर पुन: विचार हेतु इन बिलों को वापस लौटा देने की मांग की।

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