पीएम आवास की जांच में पकड़े गए चार अपात्र लाभार्थी

जलालपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत भस्मा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ मिल रहा है।

JagranMon, 06 Dec 2021 09:53 PM (IST)
पीएम आवास की जांच में पकड़े गए चार अपात्र लाभार्थी

अंबेडकरनगर: जलालपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत भस्मा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ देने में व्यापक गड़बड़ी पकड़ी गई है। मनरेगा से कैटल शेड का बजट लेकर लाभार्थी ने अपना आशियाना बना लिया है। लाभार्थियों को दो किस्त में प्रधानमंत्री आवास योजना का एक लाख 10 हजार रुपये देने के बाद भी निर्माण अधूरा होने पर जांच शुरू हुई। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राकेश प्रसाद ने बताया कि आठ आवासों की स्थलीय जांच में चार लाभार्थी अपात्र मिले। इनसे आवास व कैटेल शेड के बजट की वसूली करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

मनमाने निर्माण से खुली कलई: प्रधानमंत्री आवास का बजट हासिल कर निर्माण कराने में हुए विलंब ने अपात्रों को फंसा दिया। निर्माण बाधित होने की वजह परखने पहुंचे पीडी ने आवास का मनमाना निर्माण पकड़ा। जांच के दौरान लाभार्थियों के अपात्र होने की कलई खुल गई।

गलती या गड़बड़ी में फंसे जिम्मेदार: अपात्रों को चयन से लेकर पहली एवं दूसरी किस्त जारी करने में ग्राम सचिव की लापरवाही और गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। पहली किस्त से निर्माण पूरा हुए बगैर स्थलीय निरीक्षण के दूसरी किस्त जारी करने की संस्तुति कर जिम्मेदार फंस गए हैं। भस्मा गांव में लाभार्थी ज्ञानमती ने प्रधानमंत्री आवास योजना से दो किस्त लेकर दुकान बनवाना शुरू कर दिया। जांच में आवासीय के बजाए यह व्यावसायिक भवन पाए जाने पर पीडी ने इसे अपात्र घोषित कर दिया। लाभार्थी ऊषा देवी ने प्रधानमंत्री आवास के सीमित बजट से पांच से छह लाख रुपये में घर बनवाना शुरू कर दिया है। इनसे आवास का बजट वसूलकर प्रधानमंत्री आवास योजना के नोडल खाते में जमा कराने को कहा गया गया है। लाभार्थी किसमत्ती का आवास आरसीसी के पिलर पर मानक के विपरीत निर्माण होता पाया गया। हालांकि इन्हें मानक के अनुसार निर्माण कराने की हिदायत दी गई। लाभार्थी हीरावती, वंशराजी, मेवाती, शर्मिला एवं इंद्रावती को दो दिन में आवास निर्माण शुरू नहीं करने पर बजट वसूल करने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा लाभार्थी हीरावती ने मनरेगा से पशुशेड बनवाने के लिए बजट लिया है। यहां बने पशुशेड में कोई मवेशी नहीं मिला। पुशओं के स्थान पर परिवार रहता मिला। इस बजट की वसूली का निर्देश दिया गया है।

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