चुनाव : शादी के फर्जी कार्ड पर चुनावी ड्यूटी से छुट्टी मांगना महंगा

पंचायत चुनाव की ड्यूटी से छुटकारा पाने के लिए शादी का फर्जी कार्ड लगाने वाले मतदान कार्मिकों की अब खैर नहीं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी शादी के कार्डों का सत्यापन कराना शुरू कर दिया है।

JagranSat, 17 Apr 2021 11:59 PM (IST)
चुनाव : शादी के फर्जी कार्ड पर चुनावी ड्यूटी से छुट्टी मांगना महंगा

अरविद सिंह, अंबेडकरनगर : पंचायत चुनाव की ड्यूटी से छुटकारा पाने के लिए शादी का फर्जी कार्ड लगाने वाले मतदान कार्मिकों की अब खैर नहीं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी शादी के कार्डों का सत्यापन कराना शुरू कर दिया है। फर्जीवाड़ा पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के खिलाफ चुनाव में बाधा डालने एवं फर्जीवाड़ा करने का मुकदमा तक दर्ज कराया जाएगा।

पंचायत चुनाव में कार्मिक की ड्यूटी से छुटकारा पाने के लिए कर्मचारी तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। परिवार में लोगों की तकलीफ और बच्चों के छोटे होने की शिकायतों तक फिलहाल अचरज नहीं होता। इससे इतर फर्जीवाड़ा करने से भी कार्मिक बाज नहीं आ रहे हैं। चुनाव की ड्यूटी को अधिकारी किस आधार पर काट रहे हैं, इसका पता लगाने के बाद अब बेटे और बेटी की शादी का फर्जी कार्ड ही छपा लिया है। इसे लगाकर चुनावी ड्यूटी से छुट्टी मांग रहे हैं। कोरोना काल में शादी के सैकड़ों कार्ड देखकर अधिकारी भौचक्का हैं। इसमें कई शादी के कार्ड देखने में छद्म लग रहे हैं। ऐसे में मुख्य विकास अधिकारी एवं चुनाव के कार्मिक प्रभारी घनश्याम मीणा ने शादी के इन सभी कार्डों का गोपनीय सत्यापन शुरू करा दिया है। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने की जानकारी भी मिल रही है। सीडीओ ने बताया कि ऐसे कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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खुद को अक्षम बताना बनेगा मुसीबत : पंचायत चुनाव में मतदान कार्मिक की ड्यूटी से छुटकारा पाने के लिए खुद को शारीरिक रूप से अक्षम घोषित करने की होड़ मची है। छिपी हुई शरीर की तमाम बीमारियों को अधिकारियों के सामने खुलकर बयां कर रहे हैं। अधिकारी भी शारीरिक रूप से खुद को अक्षम बताने वाले कर्मचारियों के लिखित पत्र को सुरक्षित रखने लगे हैं। इसके आधार पर विभाग में उनकी सेवा को जारी रखने पर विचार करने तथा उन्हें सेवामुक्त करने में यह मददगार साबित होगा।

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चुनाव से छुट्टी पाने को चुनाव को बनाया ढाल : पंचायत चुनाव की ड्यूटी से छुट्टी पाने के लिए चुनाव को ही ढाल बनाने वालों की कमी नहीं है। कुछेक कार्मिकों ने खुद चुनाव लड़ने का दावा करते हुए चुनावी ड्यूटी से मुक्त करने का अनुरोध किया है। नामांकन में चंद रुपये का खर्च उठाकर पर्चा खरीदने और नामांकन करने की रसीद भी लगा रहे हैं। गांवों में इनके चुनाव लड़ने की चर्चा और प्रचार-प्रसार नहीं है। ऐसे लोगों की तलाश भी कार्मिक विभाग करने लगा है।

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