खतरे के निशान से ऊपर घाघरा का जलस्तर ठहरा, ग्रामीण सहमे

बीते 24 घंटे में सात सेंटीमीटर दर्ज की गई वृद्धि बाढ़ खंड के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा

JagranSat, 24 Jul 2021 10:40 PM (IST)
खतरे के निशान से ऊपर घाघरा का जलस्तर ठहरा, ग्रामीण सहमे

अंबेडकरनगर: घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया है। बाढ़ की आशंका से नदी के किनारों पर बसे ग्रामीण सहमे हैं। आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से लगातार बढ़ रही घाघरा नदी के जलस्तर में बीते 24 घंटे में सात सेंटीमीटर वृद्धि दर्ज की गई।

नदी का जलस्तर शनिवार दोपहर दो बजे खतरे के निशान 92.730 मीटर से 13 सेंटीमीटर ऊपर 92.860 मीटर पर पहुंचकर ठहर गया है। घाघरा नदी में आने वाली संभावित बाढ़ के चलते तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। हर साल बाढ़ की विभीषिका से दो-चार होने वाले मांझा उल्टहवा, मांझा कला, मांझा चितौरा, केवटला, नसरूल्लापुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोना घाट, ढेलमऊ, डुहिया समेत दर्जनों गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। प्रशासन बाढ़ से निपटने को लेकर तैयारियां पूरी कर चुका है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीयूष कुमार गौड़ ने बताया कि घाघरा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अधीक्षण अभियंता ने कटान क्षेत्र का लिया जायजा: घाघरा के जलस्तर में जारी उतार-चढ़ाव के बीच महरीपुर में हो रहे कटान को रोकने के लिए चार दिनों से ठोकर आदि बनाने के कार्यों का बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता संतोष कुमार सिंह ने निरीक्षण लिया। सहायक अभियंता पीयूष कुमार गौड़ के साथ पहुंचे अधीक्षण अभियंता ने गांव के किनारे अलग-अलग स्थानों पर घाघरा नदी के पानी से हो रहे कटान की जानकारी ली। उन्होंने यहां लगे कर्मियों से भी इस बाबत वार्ता की। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि कहीं भी कटान की समस्या सामने आने पर इससे निपटने के पर्याप्त इंतजाम हैं।

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