पहनी थी कश्मीरी टोपी और मुंह पर लगाया गमछा

पहनी थी कश्मीरी टोपी और मुंह पर लगाया गमछा

जागरण संवाददाता प्रयागराज पूर्व सांसद धनंजय सिंह शुक्रवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचा तो नीले रंग का पैँट और सफेद रंग की शर्ट पहन रखी थी।

JagranFri, 05 Mar 2021 08:48 PM (IST)

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : पूर्व सांसद धनंजय सिंह शुक्रवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचा तो नीले रंग का पैंट और सफेद रंग की शर्ट पहन रखी थी। सिर पर कश्मीरी टोपी थी। मुंह पर मास्क लगाने के साथ ही गमछा लगाया था। कचहरी के मुख्य गेट से होता हुआ, वह सीधे एमपी/एमएलए कोर्ट में पहुंच गया। इस दौरान किसी को उसके बारे में भनक तक नहीं लगी ।

चार पहिया वाहन से दिन में करीब 11 बजे साथियों के साथ विकास भवन के पास पहुंचा। चालक ने गाड़ी रोकी और कुछ देर बाद वह नीचे उतरा। उसके साथ तीन और लोग थे। उसके दाहिने तरफ एक और पीछे दो लोग चल रहे थे। आराम से वह कचहरी के मुख्य गेट से होता हुआ एमपी/एमएलए कोर्ट पहुंच गया। यहां उसके अधिवक्ता पहले से मौजूद थे। कोर्ट के बाहर पहुंचते ही साथ चल रहे तीनों लोग कुछ दूर पर खड़े हो गए। पूर्व सांसद की अपने अधिवक्ता से कुछ बातचीत हुई, उसके बाद धनंजय सिंह ने आत्मसमर्पण कर दिया।

आत्म समर्पण करने से पहले अपनी कश्मीरी टोपी उतारकर साथ आए लोगों को दे दी थी। कर्नलगंज पुलिस को जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंच गई। वहीं, दिनभर अफवाह उड़ती रही कि पूर्व सांसद अधिवक्ता के ड्रेस में आत्मसमर्पण करने पहुंचा था।

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जासं, प्रयागराज : धनंजय सिंह ने ऐसे ही एमपी/एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं किया। उस पर लखनऊ में विभूतिखंड क्षेत्र में कठौता चौराहे के पास मऊ जिले के गोहना के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह और उसके साथी मोहर सिंह पर शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलवाकर हत्या करवाने का आरोप है और वह नामजद भी हुआ है। इस मामले में पुलिस और एसटीएफ को उसकी तलाश थी। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस और एसटीएफ से बचने के लिए उसने किसी पुराने मामले में जेल जाने का ताना-बाना बुना, जिसमें सफलता भी मिल गई। जौनपुर जनपद के खुटहन थाने में वर्ष 2017 में दर्ज हुए एक मामले में जमानतदार आशुतोष शर्मा ने जमानत वापस ली तो उसे आत्मसमर्पण करना पड़ गया। रिमांड पर लेगी पुलिस

धनंजय सिंह ने भले ही कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है, लेकिन लखनऊ पुलिस उसे अब रिमांड पर लेगी। जल्द ही इसकी कार्रवाई शुरू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार धनंजय को यह डर था कि उस पर कई मामले दर्ज हैं और उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित हो गया है। ऐसे में कुछ भी हो सकता है। इसलिए उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कचहरी परिसर में पहुंचे समर्थक

पूर्व सांसद के आत्मसमर्पण की जानकारी उसके समर्थकों को हुई तो करीब दो दर्जन समर्थक कचहरी परिसर में पहुंच गए। हालांकि, उस समय कर्नलगंज समेत अन्य थाने की पुलिस पहुंच गई थी। पुलिस की काफी संख्या देख पूर्व सांसद के समर्थक दूर ही खड़े नजर आए।

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