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Couple Murdered Case : रात में खून देखकर क्यों लौट गई थी खाकी Prayagraj News

प्रयागराज,जेएनएन।  दंपती हत्याकांड में शिवकुटी पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुहल्ले वालों का कहना है कि मंगलवार रात बकरे के लगातार चिल्लाने पर जब वह घर के पास गए तो बाहर से ताला बंद था। संदेश होने पर पुलिस को खबर दी गई।

रात में तहरीर देने पर इंस्‍पेक्‍टर बोले, सुबह दर्ज होगी गुमशुदगी

पीआरवी 112 के कुछ सिपाही पहुंचे और फिर स्थानीय लोगों के साथ दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुए। कमरे में खून देख शिवकुटी पुलिस को सूचना दी गई और रात करीब दो बजे थाने पर तहरीर। मगर इंस्पेक्टर ने यह कह दिया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट सुबह लिखी जाएगी। ऐसे में बड़ा सवाल उठने लगा है कि आखिर रात में खून देखकर खाकी क्यों लौट गई थी। तुरंत कार्रवाई शुरू करने की बजाय अगले दिन के लिए कैसे टाल दिया गया। एक पड़ोसी ने बताया कि इरफान अपने घर पर एक बकरे को पाल रखे थे। वह जब भी कहीं बाहर जाते थे तो उनसे बकरे को चारा-पानी देने की बात जरूर कहते थे, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ था। उनका बकरा दो दिनों से लगातार चिल्ला रहा था जिसके चलते मुहल्ले वालों को अनहोनी की आशंका हुई थी। एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव का कहना है कि रात की बजाय सुबह गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखे जाने की जानकारी उन्हें मिली है, लेकिन अगर ऐसा है तो जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भांजे को रखने पर ईष्र्या करते थे भतीजे -

 पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि इरफान ने अपने भांजे को कई माह पहले घर पर ही रख लिया था। इससे इरफान के भतीजे ईष्र्या रखने लगे थे। उन्हें लगने लगा था कि कोई औलाद न होने के कारण इरफान अब अपनी संपत्ति भांजे को दे देगा। हालांकि बाद में भांजा उनके घर से चला गया था।

कर्मचारी ने कहा, करेली में मिला मोबाइल

मृतक इरफान का मोबाइल करेली निवासी नगर निगम के कर्मचारी दीपक के पास मिला है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि मंगलवार को जब वह एक मृत जानवर को लेकर करेली की तरफ गया था, तभी उसे जमीन पर मोबाइल मिला। पुलिस उसकी थ्योरी पर पूरी तरह से यकीन नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि लाश को ठिकाने लगाने में इसकी भी भूमिका हो सकती है।

शिवकुटी में हुई थी दंपती की हत्‍या

शिवकुटी थाना क्षेत्र के पुरानी मेंहदौरी में रहने वाले दंपती को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया। जानकारी होने के कुछ घंटों बाद ही सर्विलांस की मदद से दो आरोपितों की कानपुर में लोकेशन मिली। पुलिस ने उन्‍हें वहीं से हिरासत में ले लिया है। आरोपित और कोई नहीं, बल्कि दंपती के भतीते ही हैं। 48 वर्षीय हाजी मो. इरफान और उनकी 40 वर्षीय बीवी हुस्ना बेगम उर्फ मोइश फातिमा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने कानपुर से इरफान के सगे भतीजे सिराज व मिराज को गिरफ्तार किया है। उन्होंने हत्या कर शव को गंगा में फेंकने की बात कबूल की है। पुलिस दंपती के शव की तलाश कर रही है। हत्याकांड के पीछे संपत्ति का विवाद बताया जा रहा है।

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