UPPSC PCS 2020 Result : पिता को याद कर फफक पड़े विकास, परीक्षा के दिन हुआ था पिता का निधन Prayagraj News

परिणाम सुनने के बाद पिता की तस्‍वीर के पास बैठे विकास मिश्र।

UPPSC PCS 2020 Final Result विकास ने बताया कि पिता ने उन्हें पढ़ाने के लिए दूसरे के खेत में मजदूरी की। उनका सपना था कि बेटा पीसीएस बने। तीन भाई और चार बहनों में विकास सबसे छोटे हैं। उनका चयन सहायक रोजगार अधिकारी के पद पर हुआ है।

Rajneesh MishraTue, 13 Apr 2021 03:25 PM (IST)

प्रयागराज,जेएनएन। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने सोमवार को पीसीएस यानी सम्मिलित राज्य प्रवर/अधीनस्थ सेवा (सामान्य चयन) परीक्षा-2020 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इस परीक्षा में पीसीएस की फैक्ट्री कहे जाने वाले इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) से भी तमाम होनहार चमके। फिरोजाबाद के नारखी गांव के विकास तो परिणाम देखते ही फफक कर रो पड़े।

इविवि से बीएससी की पढ़ाई करने वाले विकास सर अमरनाथ झा और ताराचंद हॉस्टल के अंतेवासी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को उनकी परीक्षा थी। वह परीक्षा देने बैठे थे इसी बीच उनके पिता दिनेश चंद्र ने दुनिया को अलविदा कह दिया। वह जब परीक्षा देकर कमरे पर पहुंचे तो साथियों ने उनसे यह बात छिपाए रखी। आननफानन में उन्हें स्टेशन ले जाया गया और वहां बताया गया तो वह रो पड़े। विकास ने बताया कि पिता ने उन्हें पढ़ाने के लिए दूसरे के खेत में मजदूरी की। उनका सपना था कि बेटा पीसीएस बने। तीन भाई और चार बहनों में विकास सबसे छोटे हैं और वह घर के इकलौते अफसर भी हैं। उनका चयन सहायक रोजगार अधिकारी के पद पर हुआ है। इसके अलावा इस बार इविवि से कई छात्रों ने सफलता का परचम लहराया है।

डॉ. विकास बने सीडीपीओ

इविवि से अर्थशास्त्र में पीएचडी करने वाले सर सुंदरलाल छात्रावास के डॉ. विकास कुमार शुक्ल बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) बने हैं। भदोही के जंगीगंज स्थित दवनलपुर  के रहने वाले विकास को चौथे प्रयास में सफलता मिली है। उन्होंने सफलता का श्रेय पिता शिव जीत शुक्ल और मां सीता देवी के साथ अपने शिक्षकों और साथियों को दिया है। छात्रावास के अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार सिंह ने उन्हें शुभकामनाएं दी है।

सुशील ने भी मारी बाजी

चित्रकूट के इटवा गांव के सुशील कुमार मिश्र पीसीएस-2020 में बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर चयनित हुए हैं। इलाहाबाद विवि से परास्नातक करने वाले सुशील सर गंगा नाथ झा छात्रावास के अंतेवासी रहे हैं। वह मम्फोर्डगंज स्थित निगम चौराहा पर रहकर तैयारी किए। बुंदेलखंड के अति पिछड़े क्षेत्र के रहने वाले सुशील के पिता वीरेंद्र कुमार मिश्र किसान और मां गृहिणी हैं।

दूसरे प्रयास में प्रतीक बने आइईएस

सिविल लाइंस के ताशकंद मार्ग पर रहने वाले प्रतीक श्रीवास्तव ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। आयोग की तरफ से जारी परिणाम में उन्हें सातवीं रैंक मिली है। सेंट जोसेफ से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई के बाद प्रतीक ने आइआइटी धनबाद से मैकेनिकल ब्रांच से बीटेक किया। इसके बाद वह प्रयागराज में ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड में सीनियर ऑपरेशन ऑफीसर नियुक्त हुए। उनके पिता आलोक श्रीवास्तव एलआइसी में डेवलपमेंट अफसर पद से रिटायर्ड हैं और मां डॉ. प्रीति श्रीवास्तव सीएमपी पीजी कॉलेज में अतिथि प्रवक्ता रह चुकी हैं।

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