टीईटी परीक्षा में सेंध की तैयारीः दो करोड़ में ठेका, हर अभ्यर्थी से दो लाख एडवांस

प्रयागराज (जेएनएन)।  शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में सेंध लगाने की तैयारी कर रहे साल्वरों के गिरोह से पुलिस ने पर्दा उठा दिया। साल्वरों ने 20 अभ्यर्थियों से करीब दो करोड़ रुपये में सौदा तय किया था। प्रति अभ्यर्थी एक से दो लाख रुपये एडवांस ले लिए थे। साल्वर गिरोह पहले से सेटिंग के मामले में फार्म भरते समय ही साल्वर की फोटो चस्पा करा देता था। फार्म भरे जाने के बाद सेटिंग होने पर साफ्टवेयर से मिक्स चेंजअप करके मिलती जुलती फोटो तैयार कर उसी आधार पर आइडी बनाते थे। टीईटी में यही तैयारी की गई थी लेकिन, विफल हो गई। 

मिक्स चेंजअप फोटो साफ्टवेयर मिला

एसएसपी नितिन तिवारी ने शनिवार को पकड़े गए साल्वर गैंग के चारों सदस्यों को मीडिया के सामने पेश किया। बताया कि साइबर कैफे संचालक पंकज सिंह एक साल पहले से टीईटी पास कराने, साल्वर बैठाने का ठेका लेने लगा था। गिरोह के पास मिले कंप्यूटर और लैपटाप में ऐसा साफ्टवेयर मिला है जिससे मिक्स चेंजअप फोटो तैयार की गई थी। जिन अभ्यर्थियों से बाद में एडवांस मिला तो प्रवेश पत्र की फोटो काटकर दूसरी फोटो चस्पा कर दी थी। एसएसपी के मुताबिक, पकड़े गए पंकज सिंह, अमरजीत, जगजीवन और कुलदीप सिंह निवासी नरसिंहपुर, धाता फतेहपुर ने कबूल किया है कि टीईटी में करीब 20 अभ्यर्थियों से एडवांस में रुपये लिए थे। सौदा प्रति अभ्यर्थी दस से 12 लाख में तय था।

फर्जी आइडी, दूसरे अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र 

गिरोह के पास मिले दस्तावेज से साफ हुआ है कि इन लोगों ने कई और परीक्षा में सेंध लगाने के नाम पर लाखों की उगाही की। जालसाजों के पास से छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की पांच मार्कशीट, छह एडमिट कार्ड समेत लैपटाप, मोबाइल, फर्जी आइडी, दूसरे अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र मिला है। इसके अलावा कई अभ्यर्थियों से वायदा हुआ था कि उन्हें स्पाई माइक और कैमरा दिया जाएगा। इसी के जरिये साल्वर और अभ्यर्थी संपर्क में रहते। इसमें एक कोचिंग संचालक का नाम सामने आया है, पुलिस जांच कर रही है।

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