UP TET 2021 Paper Leak: वांटेड अजय देव की गिरफ्तारी पर खुलेगा पेपर लीक का राज

UP TET 2021 Paper Leak एसटीएफ के सीओ नवेंदु कुमार ने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि पेपर कहां से और किसने लीक किया था। इसकी जांच चल रही है। वांछित अजय देव की गिरफ्तारी होने पर कुछ जानकारी मिल सकती है।

Brijesh SrivastavaTue, 30 Nov 2021 09:14 AM (IST)
यूपी टीईटी 2021 में पेपर लीक मामले में फरार वांटेड को एसटीएफ खोज रही है।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का पेपर कहां से और किसने लीक किया था, इसका राज वांछित अभियुक्त अजय देव सिंह की गिरफ्तारी पर खुलेगा। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने शंकरगढ़ निवासी अजय की तलाश में कई जगह छापेमारी की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया है। ऐसे में एसटीएफ गैंग से जुड़े दूसरे सदस्यों का कनेक्शन खंगाल रही है, ताकि उनके जरिए अजय के बारे में पता चल सके। माना जा रहा है कि फरार चल रहे अभियुक्त को जल्द ही दबोच लिया जाएगा।

अजय की काल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई जा रही है

रविवार को गिरफ्तार तीन गैंग सरगना समेत 16 लोगों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसमें बिहार, चित्रकूट, प्रयागराज समेत कई अन्य जगह के आरोपित हैं। रविवार को एसटीएफ ने झूंसी से शंकरगढ़ निवासी सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश पटेल, उसके साढ़ू के बेटे अभिषेक व साल्वर अनुराग को गिरफ्तार किया था। सत्य प्रकाश के वाट्सएप में साल्व पेपर भी मिला था। जांच में पता चला था कि सत्य प्रकाश को अजय देव सिंह ने साल्व पेपर व साल्वर मुहैया कराया था। अजय देव को हल पेपर कब, कैसे और कहां से मिला था, इस बारे में सत्य प्रकाश कुछ नहीं बता पाया था। एसटीएफ के अधिकारी मान रहे हैं कि इस रहस्य का पर्दा अजय की गिरफ्तारी पर खुल सकेगा। उसके मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) भी निकलवाई जा रही है, ताकि उससे जुड़े आरोपितों पर शिकंजा कसा जा सके।

परीक्षा नियामक ने भी दर्ज कराया केस

पेपर लीक लेकर परीक्षा नियामक की ओर से उप रजिस्ट्रार प्रेम शंकर की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें कहा गया है कि एसटीएफ ने टीईटी के परीक्षा अवधि से पूर्व पेपर लीक होने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी थी। परीक्षा निरस्त होने के कारण विभाग और शासन की छवि धूमिल हुई। साथ ही परीक्षार्थियों को भी अनावश्यक कठिनाई का सामना करना पड़ा। उप रजिस्ट्रार की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी, साजिश रचने और उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गैंगस्टर एक्ट की प्रकिया लंबी

पेपर लीक के मामले में गैंग के सरगना और साल्वरों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई होगी, मगर इसकी प्रक्रिया लंबी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस एक्ट के तहत गिरोह का होना और आर्थिक लाभ के लिए घटना कारित करना महत्वपूर्ण होता है। मूल मुकदमे में सभी आरोपितों की गिरफ्तारी होने के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जाता है। अरोप पत्र दाखिल करने के लिए अधिकतम 90 दिन का समय मिलता है। फिर उसके बाद अभियुक्तों के खिलाफ पुराने मुकदमा का विवरण लेकर गैंग चार्ट बनाया जाता है। उस गैंग चार्ट को अभियोजन की सलाह पर जिलाधिकारी संस्तुति करते हैं। इस एक्ट की धारा 14 (1) के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त की जाती है और अभियुक्त लंबे समय तक जेल में रहते हैं।

इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट

-आइपीसी 419/420 - धोखाधड़ी करना

-आइपीसी 467/468- कूटरचित दस्तावेज तैयार करना

- आइपीसी 471 - कूटरचित इलेक्ट्रानिक अभिलेख बनाना

- सार्वजनिक परीक्षा अधनियम की धारा-3/6/10

एसटीएफ के सीओ बोले

एसटीएफ के सीओ नवेंदु कुमार ने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि पेपर कहां से और किसने लीक किया था। इसकी जांच चल रही है। वांछित अजय देव की गिरफ्तारी होने पर कुछ जानकारी मिल सकती है।

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