MP MLA Court: उत्‍तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेशधर त्रिपाठी पर आरोप तय

बसपा सरकार में राकेशधर त्रिपाठी उच्च शिक्षा मंत्री थे। उसी समय आय से अधिक संपत्ति अॢजत करने का आरोप उन पर लगा था। उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए राकेशधर त्रिपाठी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कालेजों को मान्यता देने सहित कई गंभीर आरोप लगे थे।

Brijesh SrivastavaSat, 31 Jul 2021 08:10 AM (IST)
एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी पर तय किया है।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। विशेष जज एमपी/एमएलए आलोक कुमार श्रीवास्तव ने वर्ष 2007 से 2011 के मध्य आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेशधर त्रिपाठी पर शुक्रवार को आरोप तय कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने का पर्याप्त आधार है।

राकेशधर त्रिपाठी पर धारा 31 (1) व 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किया गया है। एक मई 2007 से तीन दिसंबर 2011 तक उनकी कुल आय 49,49,928 रुपये रही, जबकि व्यय 2,67,08,605 रुपये था। यानी 2,17,58,677 रुपये अधिक आय रही। उनके विरुद्ध थाना मुट्ठीगंज में धारा 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ था। सरकार की ओर से अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश गुप्ता ने पक्ष रखा। आरोप तय होने से पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी को बड़ा झटका लगा है।

पूर्व मंत्री पर ये थे आरोप

बसपा सरकार में राकेशधर त्रिपाठी उच्च शिक्षा मंत्री थे। उसी समय आय से अधिक संपत्ति अॢजत करने का आरोप उन पर लगा था। उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए राकेशधर त्रिपाठी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कालेजों को मान्यता देने सहित कई गंभीर आरोप लगे थे। वर्ष 2010 में लोकायुक्त की जांच में अपने पद का गलत इस्तेमाल कर राकेशधर त्रिपाठी द्वारा कई कालेजों को मान्यता देने का मामला सामने आया था। इसी प्रकार एक अन्‍य मामले में डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मामले की सुनवाई मजिस्‍ट्रेट कोर्ट में 3 अगस्‍त को होगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.