प्रयागराज में बदलाव की बयार पर जागरण विमर्श- 2021, उद्योग, कारोबार, पर्यटन पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

जागरण विमर्श 2021 का प्रयागराज में उत्‍तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुभारंभ किया। प्रबुद्ध जन इसके विभिन्न सत्रों में इस ऐतिहासिक शहर और इसके आसपास की गरिमा अतीत का उल्लेख करते हुए आने वाले उम्मीदों भरे कल की रूपरेखा प्रस्तुत की।

Brijesh SrivastavaSat, 16 Oct 2021 11:26 AM (IST)
प्रयागराज में जागरण विमर्श 2021 का आगाज शनिवार को हुआ। शुभारंभ यूपी के डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने किया।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। धर्म अध्यात्म, न्याय, शिक्षा तथा साहित्य की नगरी प्रयागराज शनिवार यानी आज विकास की नई ऊंचाइयों को तय करने के लिए सार्थक संवाद का साक्षी बन रहा है। अवसर था जागरण विमर्श 2021 का। हाई कोर्ट के निकट होटल मिलेनियम इन में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दीप प्रज्वलन कर विमर्श का शुभारंभ किया। ''जागरण विमर्श : बयार बदलाव की'' अतीत को टटोलने के साथ नए आयाम और मुकाम को तलाशने का मंच साबित हुआ। नौ सत्र में हुए इस आयोजन में बेबाक टिप्पणियां सुनने को मिलीं तो कार्य पालिका और विधायिका को कार्ययोजना के बिंदु भी मिले। शाम तक जारी रहे इस आयोजन में प्रबुद्ध जनों ने विभिन्न सत्रों में इस ऐतिहासिक शहर और इसके आसपास की गरिमा, अतीत का उल्लेख करते हुए आने वाले उम्मीदों भरे कल की रूपरेखा प्रस्तुत की। 

'शिक्षा का केंद्र : कल आज और कल' पर शिक्षाविदाें ने बेबाकी से रखी बात

जागरण विमर्श के प्रथम सत्र में 'शिक्षा का केंद्र : कल आज और कल' विषय पर शिक्षाविदों ने अपनी बात बेबाकी से रखी। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर बद्रीनारायण तिवारी ने कहा शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए गुरु गोरखनाथ की आवश्यकता है। ऐसे गोरखनाथ की जो बदलाव ला सके। जो बने बनाए ढांचे को उलटकर नई अवधारणाएं रख सके। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने वर्तमान प्रणाली पर चिंता जताते हुए कहा जब तक विश्वविद्यालय के हाथ में उसकी व्यवस्था रही, तब तक शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़े गए। अफसोस अब इसमें राजनीति का हस्तक्षेप है। इसके दोषी भी विश्वविद्यालय हैं।

पूर्व राज्‍यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने यह कहा

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पंडित केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा शिक्षा में यहां विस्तार तो हुआ लेकिन गुणवत्ता में नहीं। गुणवत्ता की तिलांजलि देकर शिक्षा का विकास नहीं किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सीमा सिंह वर्तमान व्यवस्था से असंतुष्ट नजर आईं। कह अब शोध प्रभावी नहीं किए जा रहे हैं। केवल नाम के आगे डाक्टर लिखने के लिए शोधकार्य हो रहे हैं। यह धारणा बदलकर कल को संवारा जा सकता है।

श्रीराम से जुड़े सभी स्थानों को राम वन गमन पथ से जोड़ने का प्रयास : केशव मौर्य

इस अवसर पर डिप्‍टी सीएम केशव मौर्य बोले कि श्रीराम से जुड़े सभी स्थानों का विकास हो रहा है। श्रीराम से जुड़े सभी स्थानों को सुंदर बनाने और सड़कों से राम वन गमन पथ से जोड़ने का प्रयास है। बोले कि अयोध्‍या से चित्रकूट तक वाया कौशांबी राम वन गमन पथ तैयार किया जा रहा है। ऐसा फोरलेन ब्रिज का राजापुर में गंगा पर होगा। कोशिश की जा रही है कि उसका भी जल्द शिलान्यास हो।

बोले उप मुख्‍यमंत्री, प्रयागराज में चौतरफा हो रहा विकास

केशव मौर्य ने कहा कि प्रयागराज में चौतरफा विकास हो रहा है। गंगा जल को निर्मल और अविरल किया जा रहा है। कुंभ मेला और माघ मेला का बजट बढ़ाया गया। नए फ्लाई ओवर से विकास हुआ, जाम की समस्या दूर हुई और आवागमन सुगम हुआ। बोले कि आज एक और फ्लाईओवर का शिलान्यास कालिंदीपुरम में चौफटका कालिंदीपुरम रेल ओवरब्रिज का हो रहा है। कहा कि फोरलेन हाईवे बनाया एयरपोर्ट से कौशांबी तक बनाया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की कोशिश है कि तेजी से विकास किया जाए। विकास में कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। हर इलाके और क्षेत्र का विकास हो रहा है। डिप्‍टी सीएम से सवाल भी पूछे जा रहे हैं, जिसका उन्‍होंने समुचित उत्‍तर दिया।

महामारी ने स्वास्थ्य महकमे को सिखा दिया आपदा प्रबंधन

जागरण विमर्श का दूसरे सत्र में 'स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा-कितना सुधरा, कितना बाकी' पर विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और कमियों पर मंथन किया। कोरोना के साथ ही कैंसर पर भी चचा की गई। इसमें दवा के साथ जागरूकता जोर रहा। कोरोना ने जिंदगी की रफ्तार पर भले ही बे्रक लगाया हो, लेकिन इसने स्वास्थ्य महकमे को आपदा प्रबंधन के गुर सिखा दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई। अस्पतालों में इंतजाम बढ़ गए। बेड के साथ अन्य संसाधनों की कमी अब पहले जैसी नहीं रही। भले ही एंटी वायरस ड्रग अभी तक न बनाया जा सका हो लेकिन इसकी भरपाई अन्य संसाधनों से पूरी करने की कोशिश जरूर की गई। प्लांट लगाकर आक्सीजन की कमी को काफी हद तक दूर कर लिया गया है। कुछ ऐसी ही बातें छनकर आईं जागरण विमर्श में। विशेषज्ञों ने कोरोना के साथ की कैंसर, डेंगू व अन्य बीमारियों पर भी चर्चा की। अपर निदेशक स्वास्थ्य डाक्टर प्रभाकर राय, इलाहाबाद मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. एसपी सिंह, कैंसर रोग विशेषज्ञ पदमश्री डा. बी पाल ने विशेष जानकारी परक सलाह दी।

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तीसरे सत्र में उद्योग व कारोबार पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

जागरण विमर्श का तीसरा सत्र 'उद्योग-कारोबार की स्थिति और संभावनाएं' था। इसमें विशेषज्ञों ने अपनी बात प्रभावी तरीके से रखी। इसमें 1970 के दशक में पूरब का मैनचेस्टर कहे जाने वाली औद्योगिक नगरी की ऊंचाइयों से लेकर इसके पराभव के मसले पर चर्चा की गई। मौजूदा परिवेश में उद्यम को स्थापित करने के लिए आने वाली कठिनाइयों पर भी बातें हुईं। कुटीर और भारी उद्योगों के साथ कारोबार को बढ़ावा देने के संबंध में सुझाव भी दिए गए। कुटीर और भारी उद्योगों का विकास सिल्का सेंड फिर से किए जाने के भी मुद्दे रखे गए। पब्लिक सेटर की कंपनियों बीपीसीएल, टीएसएल और ग्लास फैक्ट्रियों को फिर से चालू करने की दिशा में सरकार द्वारा कदम उठाए जाने की अपेक्षा की गई। नए उद्यम को स्थापित करने के लिए सस्ते दामों पर औद्योगिक प्लाट उपलब्ध कराने और कारोबार में पारदर्शिता एवं ईमानदारी पर भी जोर दिया गया। विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, ईस्‍टर्न यूपी चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्‍ट्रीज के अध्‍यक्ष विनय टंडन, कास्‍ट एकाउंटेंट, वित्‍त सलाहकार डाक्‍टर पवन जायसवाल समेत अन्‍य वक्‍ताओं ने विचार रखे।

चौथे सत्र में राजनीतिज्ञों से संवाद

दोपहर 1:45 बजे से चौथा सत्र राजनीतिज्ञों से 'संवाद' का रहा। सांसद इलाहाबाद डा. रीता बहुगुणा जोशी और सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल ने शहर को लेकर अपनी परिकल्पना साझा की।

साहित्‍य से जुड़ा रहा विमर्श का पांचवां सत्र

शहर की पहचान साहित्य से भी है। इसलिए दोपहर ढाई बजे से शुरू होने वाले पांचवें सत्र में इसकी चर्चा की गई। 'साहित्य के क्षेत्र में प्रयागराज का योगदान' विषयक सत्र में हिंदुस्तानी एकेडमी के अध्यक्ष डा. उदय प्रताप सिंह, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अली, साहित्यकार यश मालवीय और डा. श्लेष गौतम वक्ता रहे। 

छठां सत्र भी रहा रोचक

छठां सत्र भी रोचक है विषय रहेगा 'संगम, पर्यटन और आशाएं।' महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, कमिश्नर संजय गोयल, आइजी केपी सिंह, जिलाधिकारी संजय खत्री तथा एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी इस सत्र में मौजूद रहे।

समापन सत्र में बदलाव बताने के साथ खींचा भविष्य का खाका

शाम चार बजे समापन सत्र शुरू हुआ जिसमें कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बदलते प्रयागराज और कल की पर चर्चा की। सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए मनोरंजन के साथ ज्ञान का समावेश जरूरी- समापन सत्र के अतिथीय संबोधन में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने 2017 से पहले और उसके बाद के प्रयागराज में आए बदलाव को बताने के साथ ही भविष्य का भी खाका खींचा। कहा, सांस्कृतिक विरासत को संजोने की जरूरत है। कला, अध्यात्म, शिक्षा और न्याय के शहर को उसके उत्कर्ष तक ले जाने के लिए अभी बहुत कुछ करना होगा। यह कार्य युवाओं को साथ लिए बिना संभव नहीं है। यह भी ध्यान रखना होगा, मनोरंज में ज्ञान का समावेश जरूरी है। तभी वैश्विक फलक पर हम चमक बिखेर पाएंगे। संगीत, अध्यात्म, इतिहास, कला के क्षेत्र में हम अग्रणी रहे हैं। दुर्भाग्य है कि हम अपने गौरव को भूल रहे हैं। इसके प्रति जन जागरण की जरूरत है। पर्यटन के विकास के बिंदुओं को रेखांकित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कह कि समाज के लोगों की क्रय क्षमता को भी बढ़ाना होगा। जब हम पर्यटन के माडल को बनाएं हैं तो इस बात पर गौर करें कि बाहर से आने वाला प्रत्येक व्यक्ति किस तरह से आर्थिक माडल का हिस्सा बन सकता है। लोगों में विश्वास जगा और गन कल्चर खत्म हुआ। 2017 से पहले के प्रयागराज के संबंध में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लंबे समय से यहां गन कल्चर चल रहा था। दुर्भाग्य था कि कार्यपालिका भी उससे प्रभावित थी। कोई भी कहीं भी कब्जा कर लेता। बहुत ही खूबसूरत ढंग से उसे कानूनी जामा भी पहना देता था। अब ऐसा नहीं है। कब्जा की गई जमीनों को मुक्त कराया जा रहा है। उनपर निर्माण कराकर लोगों के लिए आवास बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। एक समय था जब शहर उत्तरी, दक्षिणी को ही शहर माना जाता था। सब कुछ यहीं सिमट कर रह गया था, पर अब ऐसा नहीं है। शहर पश्चिमी के जरिए कौशांबी तक विकास जा रहा है। यहां एयरपोर्ट बना अब चौफटका से कालिंदीपुरम तक फ्लाईओवर की आधारशिला भी रखी जा चुकी है। इससे शहर और गांव को जोड़ने में मदद मिलेगी। कौशांबी को भी इंडस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

डिफेंस कारिडोर में शामिल होगा नैनी कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि नैनी को डिफेंस कारिडोर का हिस्सा बनाया जाएगा। जो फैक्ट्रियां हैं उनके लिए और बेहतर करने की कोशिश चल रही है। इसे अतिरिक्त मेट्रो को लाने के लिए पहले चरण का डीपीआर बन चुका है। इससे लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। प्रयागराज में स्किल डेवलपमेंट विश्वविद्यालय के लिए भी प्रयास शुरू हो चुका है। सिंगापुर की कंपनी से बातचीत चल रही है। कौशल विकास यूनिवस्र्टी आएगी तो रोजगार के भी अवसर जरूर बढ़ेंगे। कोविड में प्रदेश सरकार ने बेहतर प्रबंधन कियाभाजपा की प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में बेहतर प्रबंधन कर के दिखाया है। 24 करोड़ लोगों में से चार करोड़ लोगों को टीका लग चुका है। छह करोड़ लोगों का कोविड टेस्ट कराया गया। 536 ऑक्जीन प्लांट लगाने का निर्णय हुआ है, इसमें से 400 प्लांट लग चुके हैं। इन सब का नतीजा है कि प्रदेश में कोविड के आज मात्र 90 सक्रिय केस हैं।

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