अवैध बालू की सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 17 गिरफ्तार Prayagraj News

अवैध बालू की सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 17 गिरफ्तार Prayagraj News
Publish Date:Thu, 09 Jul 2020 05:13 PM (IST) Author: Brijesh Srivastava

प्रयागराज,जेएनएन।  कौशांबी से अवैध रूप से बालू का परिवहन करने वाले और उन वाहनों को गलत तरीके से पास कराने वाले गिरोह का खुल्दाबाद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार करते हुए 5 डम्पर, 3 कार और डेढ़ लाख रुपये बरामद किया गया है।

 

पुलिस ने घेरेबंदी कर दबोचा

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी कौशांबी के कोखराज का राम सिंह और धूमनगंज के झलवा का इसरार अली उर्फ मुन्ना और मोनू हैं । तीनों अपनी कार से बालू लदे वाहनों के साथ रात में पास- पास चलते रहते थे। यह तीनों जिधर पुलिस रहती थी, उसके बारे में ट्रक ड्राइवरों को सूचना दे देते थे ताकि वह रास्ता बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंच सके। बुधवार रात इसकी जानकारी होने पर सीओ प्रथम और इंस्पेक्टर खुल्दाबाद विनीत सिंह ने फोर्स के साथ कर्बला तिराहे के पास घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।

पांच डंपर, तीन कार और डेढ़ लाख रुपये बरामद  

पुलिस का कहना है कि ओवरलोड वाहनों में लदी बालू अवैध है।  खनिज विभाग भी इसकी जांच कर रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में 14 लोग ड्राइवर व खलासी हैं,जो प्रयागराज और कौशांबी के रहने वाले हैं। सभी के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार करते हुए 5 डम्पर, 3 कार और डेढ़ लाख रुपये बरामद किया गया है।

 

 

रेलवे बोर्ड का इंजीनियर बन मांगी रंगदारी

रेलवे बोर्ड का इंजीनियर बन ठेकेदार अजय कुमार बंसल से फोन पर रंगदारी मांगने और न देने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीडि़त की तहरीर पर कीडगंज पुलिस मुकदमा दर्ज कर धमकी देने वाले के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुराना बैरहना निवासी अजय बंसल रेलवे में ठेकेदारी करते हैं। उनका आरोप है कि दो दिन पहले अनजान नंबर से उनके मोबाइल पर कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को रेलवे बोर्ड नई दिल्ली के इंजीनियङ्क्षरग विभाग का सदस्य बताया। इसके बाद पैसे की मांग करते हुए कहा कि अगर पैसा न मिला तो किसी न किसी आधार पर उसे ब्लैक लिस्ट कराकर रेलवे में चल रहे काम को बंद करवा देगा। अभियुक्त ने मामले की शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी भी दी। ठेकेदार का यह भी आरोप है कि इससे पहले रेलवे बोर्ड के मेंबर मैटेरियल बताते हुए अलग-अलग नंबर से कॉल कर पैसे मांगे गए थे। तब उन्होंने इसकी शिकायत रेलवे के अधिकारियों से की थी। फिलहाल इंस्पेक्टर कीडगंज शिशुपाल शर्मा का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दो ठेकेदारों के बीच किसी विवाद का लग रहा है। तहरीर के आधार पर मुकदमा लिखकर विवेचना की जा रही है।

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