प्रतापगढ़ में अवैध शराब कारोबार में आया राइस मिलर्स का नाम, फंसा खादय विभाग का तीन हजार मीट्रिक टन चावल

विभाग का दावा है कि जल्द ही बकाया चावल जमा करा दिया जाएगा।

पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए जब छापेमारी शुरू की तो वह राइस मिल बंद करके गायब हो गया। मिल बंद होने से विभाग का तीन हजार मीट्रिक टन चावल फंस गया है। चावल की रिकवरी के लिए अफसर हर प्रयास कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।

Rajneesh MishraSat, 10 Apr 2021 05:46 PM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में अवैध तरीके से शराब का कारोबार करने के मामले में राइस मिलर्स का नाम आने से वह ताला बंद करके गायब है। इससे खाद्य विभाग का हजारों कुंतल चावल फंस गया है। जब अफसर वहां पहुंचते हैं तो मिल बंद देख वापस लौटना पड़ रहा है। बचे हुए चावल की रिकवरी कैसे होगी, इसे लेकर अफसर तनाव में हैं।

धान कुटाई के लिए हुआ था अनुबंध

जिले के सांगीपुर क्षेत्र के राइस मिलर्स पवन सिंह की राइस मिल का अनुबंध विभाग से हुआ है। विभाग की ओर से धान की कुटाई के लिए 96 हजार मीट्रिक टन धान दिया था। धान की कुटाई शुरू हुई। करीब माह भर बाद  मिल संचालक ने  2900 मीट्रिक टन से अधिक चावल जमा कर दिया है। हाल में ही शराब मामले में पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई में उसका नाम आ गया। पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए जब छापेमारी शुरू की तो वह राइस मिल बंद करके गायब हो गया। मिल बंद होने से विभाग का तीन हजार मीट्रिक टन चावल फंस गया है। चावल की रिकवरी के लिए अफसर हर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।

बकाया चावल जमा कराने के लिए विभाग परेशान

हालांकि विभाग का दावा है कि जल्द ही बकाया चावल जमा करा दिया जाएगा। डिप्टी आरएमओ अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राइस मिलर्स द्वारा मिल बंद कर गायब होने से चावल की रिकवरी नहीं हो पा रही है। पूरा प्रयास है कि जल्द ही बकाया चावल जमा करा दिया जाएगा।

 

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