आपके द्वारा डॉयल किया गया नंबर अभी व्यस्त है...प्रयागराज के कोविड हेल्प डेस्क नंबर पर यही सुनिए हरदम

कोरोना संक्रमण से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। चिकित्सकीय इंतजाम ना काफी साबित हो रहे हैं।

कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए भाजपा की तरफ से भी हेल्प डेस्क बनाई गई है। शहर उत्तरी दक्षिणी और पश्चिमी के लोगों के लिए फोन नंबर जारी किए गए हैं। बुधवार को कुल 32 लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए फोन किया।

Ankur TripathiThu, 22 Apr 2021 07:00 AM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए भाजपा की तरफ से भी हेल्प डेस्क बनाई गई है। शहर उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी के लोगों के लिए फोन नंबर जारी किए गए हैं। बुधवार को कुल 32 लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए फोन किया। इनमें शहर उत्तरी से 12, दक्षिणी से आठ और पश्चिमी से 12 मामले आए। हेल्प डेस्क में शामिल राजेश केसरवानी ने बताया कि किसी ने ऑक्सीजन न मिलने की समस्या बताई तो किसी ने मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए गुहार लगाई। कुछ लोगों ने घर को सैनिटाइज कराने के लिए मदद मांगी। सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। वजह यह कि डॉक्टर व अफसर पूरी तरह से ध्यान नहीं दे रहे हैं। फिलहाल सहयोग देने का प्रयास जारी है। 

कोरोना संक्रमित का तीन दिन बाद कराया अंतिम संस्कार

भाजपा हेल्प डेस्क के सदस्य रणविजय सिंह ने बताया कि मरीजों को भर्ती कराने के साथ ही तीन दिन पूर्व कोविड से एक व्यक्ति की मौत एसआरएन में हो गई थी। उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था। परिवार के लोगों ने फोनकर सहयोग मांगा तो एडीएम सिटी से संपर्क कर कागजी प्रक्रिया पूरी कराई गई। उसके बद फाफामऊ घाट पर शव का अंतिम संस्कार कराया गया। 

मरीज भर्ती कराने के लिए दिए जा रहे निजी अस्पतालों के नंबर

कोरोना संक्रमण से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। चिकित्सकीय इंतजाम ना काफी साबित हो रहे हैं। यहां तक कि प्रशासनिक तौर पर की गई व्यवस्था भी बौनी साबित हो रही है। कोरोना कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन के नंबर पर भी लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। फोन करने पर जवाब मिलता है कि, 'आप के द्वारा डायल किया गया नंबर अभी व्यस्त है...। नंबर पर कब बात हो सकेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। लगातार प्रयास करते रहने पर करीब 45 मिनट के बाद फोन पर बात हो पा रही है। खास बात यह कि हेल्पडेस्क के रूप में दिया गया नंबर 7447179060 डायर करने पर जवाब आता है कि यह नंबर अमान्य है। 

सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं हैं

झलवा निवासी आशीष कुमार ने बताया कि वह करीब दस बजे से फोन लगा रहे थे। 11:30 बजे संपर्क हो सका। उनके परिवार के एक सदस्य की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, वह उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के लिए मदद लेना चाहते थे। कंट्रोल रूम को समस्या बताई गई तो वहां से पांच निजी अस्पतालों के फोन नंबर दिए गए। कहा गया कि इन नंबरों पर संपर्क करें। यह भी कहा गया कि सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं हैं।

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