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सूरज के तीखे तेवरों के बीच संगम पर जल ही जल

प्रयागराज : काफी समय बाद ऐसा हो रहा है जब सूरज के तीखे तेवर के बीच यानी प्रचंड गर्मी में संगम पर पर्याप्त जल है। कुंभ मेला खत्म होने के बाद गंगा का जलस्तर कुछ कम हुआ था, जिससे बीच नदी में जगह-जगह बालू के टीले उभर आए थे। फाफामऊ से लेकर संगम तक इन दिनों जल ही जल है। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 76.45 मीटर पर पहुंच गया है। 
 
अप्रैल तक गंगा का घट जाता था जलस्तर
आमतौर पर मार्च में गर्मी बढऩे के साथ गंगा में जल घटता जाता है। अप्रैल अंत तक आते-आते काफी कम हो जाता है। इस बार कुंभ मेले के दौरान गंगा में पर्याप्त जल उपलब्ध रहा। इसके बाद 15 मार्च से 10 अप्रैल के बीच जलस्तर कम होने से बीच में बालू के टीले उभर आने से गंगा में दो धारा बन गई। श्रद्धालु बीच में बन गए बालू के टापू को पार करसंगम की धारा में स्नान के लिए जाने लगे थे। टापू पर ही फूल, नारियल समेत पूजन सामग्री की दुकानें भी लगने लगी थी, लेकिन 15 अप्रैल के बाद जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई, जो अब तक बनी हुई है। 

बोले घाटिए, टिहरी बांध से पर्याप्त छोड़ा जा रहा है पानी
पंडों और घाटियों का कहना है कि दस दिन में संगम पर जलस्तर डेढ़ फीट तक बढ़ा है। इसकी वजह से बीच में बने बालू के टापू भी गायब हो गए। सिंचाई विभाग के अफसरों के मुताबिक कुंभ मेला खत्म होने के बाद टिहरी बांध से पानी कम मात्रा में छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई बाढ़ कार्य खंड के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार सिंह का कहना है कि टिहरी बांध से प्रतिदिन 6000 से 9000 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है। यह मात्री बीच-बीच में घटती-बढ़ती रहती है। बीच में कुछ कमी आई थी लेकिन अप्रैल के प्रारंभ से निरंतर जल यहां पहुंच रहा है। आगे भी यही स्थिति रहने की उम्मीद है।

पिछले वर्ष अप्रैल में था कम जल
सिंचाई विभाग के रिकार्ड के मुताबिक पिछले वर्ष अप्रैल माह में गंगा का जलस्तर 76 से 76.10 मीटर के आसपास था। फाफामऊ के आगे छतनाग (झूंसी) में फैलाव अधिक होने के कारण यहां जलस्तर में और कमी हो गई थी लेकिन इस बार अप्रैल के अंत में फाफामऊ में जलस्तर 35 से 45 सेंटीमीटर अधिक है। 

श्रद्धालु लगा रहे पुण्य की डुबकी
संगम पर पर्याप्त मात्रा में जल होने के कारण यहां देश भर से आने वाले श्रद्धालु भी आनंदित हैैं। स्वच्छ गंगा जल में पुण्य की डुबकी लगा रहे हैैं। संगम के पंडा विजय शंकर तिवारी कहते हैैं, पिछले वर्ष अप्रैल तक गंगा में जल काफी कम हो जाता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इसकी वजह से श्रद्धालु भी प्रसन्न हैैं। 

आचमन के साथ पी भी रहे गंगा जल
गंगा में स्वच्छता भी बरकरार है। पंडा अनिल झा कहते हैैं, ऐसा लंबे समय बाद दिख रहा है। गंगा जल इतना साफ है कि श्रद्धालु आचमन के साथ गंगा जल पी भी रहे हैैं। उनका कहना है कि सरकार गंगा को लेकर गंभीर है, उसी का असर है। 

 

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