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Allahabad University : इसलिए सछास ने राष्ट्रपति को खून से लिखा पत्र भेजा, बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया

प्रयागराज, जेएनएन। गृह मंत्रालय की ओर से विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा कराए जाने के फैसले को लेकर छात्र संगठनों में काफी नाराजगी है। बुधवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआइ), समाजवादी छात्रसभा (सछास) और दिशा छात्र संगठन ने विरोध जताया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को खून से पत्र लिखकर भेजा गया।

एनएसयूआइ ने छात्रसंघ भवन पर बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया

एनएसयूआइ कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ भवन पर बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। साथ ही सभी को प्रोन्नत करने समेत एक सत्र की फीस भी माफ करने की मांग की। राष्ट्रीय सचिव अविनाश यादव ने कहा कि छात्रों के मॉस प्रमोशन की मांग का अभियान पिछले दो महीने से किया जा रहा है। इसके बावजूद परीक्षा की गाइडलाइन जारी की जा रही है। कहा कि सरकार छात्रों के स्वास्थ्य की व्यवस्था पहले सुनिश्चित कराए और सबसे पहले संसद भवन खोला जाए फिर परीक्षा कराई जाए।

मांगे नहीं मानी गई तो सड़क पर उतरेंगे : अखिलेश यादव

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अभी हम गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। मांगे नहीं मानी गई तो सड़क पर उतरेंगे। इस दौरान सत्यम कुशवाहा, जितेश मिश्र, अभिषेक सिंह, विशाल, अंकुर, वैभव सिंह, सौरभ द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

गाइडलाइन के विरोध में प्रदर्शन किया गया

वहीं, समाजवादी छात्र सभा की ओर से छात्रनेता अजय यादव सम्राट के नेतृत्व में गाइडलाइन के विरोध में राष्ट्रपति, एचआरडी और यूजीसी को खून से खत लिखकर भेजा गया। इस दौरान अखिलेश गुप्ता गुड्डू, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा साहिल, अविनाश विद्यार्थी, अरविंद सरोज, मोहम्मद सलमान, विजयकांत बिपिन आदि उपस्थित रहे। इसी तरह, दिशा छात्र संगठन की ओर से भी गाइडलाइन के विरोध में प्रदर्शन किया गया। संगठन के अमित ने मांग किया कि हर प्रकार की परीक्षाओं को रद कर वैकल्पिक माॄकग प्रणाली के तहत सभी छात्रों को प्रोन्नत किया जाए। प्रदर्शन के दौरान विवेक, धर्मराज, अंबरीश, रवि, सुरेश, शिवा, नीशू, प्रसेन, अविनाश आदि मौजूद रहे।

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