Smart Meter in Prayagraj : बिना रीडिंग ही उपभोक्‍ता के मोबाइल पर भेज दिया जाता है बिल, बिजली विभाग की यह है तैयारी

प्रयागराज में स्‍मार्ट मीटर वाले उपभोक्‍ता परेशान हैं।
Publish Date:Wed, 21 Oct 2020 08:37 AM (IST) Author: Brijesh Srivastava

प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज में स्मार्ट मीटर तो लगा दिया गया है लेकिन रीडिंग नहीं ली जाती है। इसका बिजली का बिल सीधे उपभोक्ता के मोबाइल पर आता है। रीडर को इस मीटर को देखने का भी अधिकार नहीं है, लेकिन कुछ ऐसे मीटर रीडर हैं जो इनकी रीडिंग बनाने की बात कहकर उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे रीडरों को बिजली विभाग के अधिकारी गोपनीय तरीके से चिह्नित कर रहे हैं। इनकी पहचान होने के बाद इन पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मीटर रीडर उल्टा-सीधा बनाते हैं बिल

उपभोक्ताओं को गुमराह कर जेब गर्म करने वाले कुछ रीडर स्मार्ट मीटर को देखने के बाद कहते हैं कि रीडिंग ज्यादा है। इसलिए इसे कम कर देते हैं। वे पता नहीं कैसे इसका बिल भी बना देते हैं। उपभोक्ता जब बिजली के बिल का भुगतान करने उपकेंद्र पर पहुंचते हैं तो पता चलता है कि उनका बिजली का बिल कुछ और है। तब जाकर उनको पता चलता है कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं।

फर्जीवाड़े के मामले आ चुके हैं सामने

अभी कुछ दिन पहले ही मुख्य अभियंता ओपी यादव से सिविल लाइंस के रहने वाले एक उपभोक्ता ने इस बारे में फोन कर शिकायत की थी। मुख्य अभियंता ने साफ कहा था कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग हो ही नहीं सकती। क्योंकि उसका बिल आटोमैटिक सीधे उपभोक्ता के मोबाइल पर आता है। जो बिजली का बिल मोबाइल पर आता है, वही जमा होगा। रीडर को मीटर की रीडिंग देखने का अधिकार ही नहीं है। इसी प्रकार शहर के कई उपकेंद्रों पर भी ऐसी शिकायतें आए दिन आती रहती हैं।

ऐसा करने वाले होंगे दंडित

मुख्य अभियंता ओपी यादव का कहना है कि उपभोक्ताओं के साथ छल करने वाले दंडित किए जाएंगे। स्मार्ट मीटर की जो भी रीडिंग करने की बात उपभोक्ताओं से कह रहे हैं, उनको चिह्नित करने के निर्देश सभी उपखंड अधिकारियों को दिए गए हैं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.