Smart City Project: आप भी जानें, प्रयागराज में स्मार्ट फुटपाथ को लोगों ने बना दिया कूड़े का अड्डा

Smart City Project शहर में सड़कों के दोनों किनारे फुटपाथ राहगीरों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाए जाते हैं ताकि वह बसों कारों एवं ट्रकों की तेज रफ्तार से अपना बचाव करते हुए सुरक्षित आ-जा सकें। हालांकि राहगीरों के सुरक्षित आवागमन को लेकर कोई गंभीर नहीं दिखाई देता है।

Brijesh SrivastavaMon, 29 Nov 2021 02:59 PM (IST)
प्रयागराज के कटरा में स्मार्ट फुटपाथ रखरखाव एवं सफाई के अभाव में कूड़े का अड्डा बन गए हैं।

- अपनी संपत्ति को ही कबाड़ बनाने में जुटा निगम

- राहगीरों के सुरक्षित आवागमन के प्रति कोई गंभीर नहीं

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज को स्‍मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में करोड़ों रुपये की लागत से स्मार्ट सड़कें और फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। हालांकि कई इलाकों में इन स्मार्ट फुटपाथों को कूड़े में तब्दील किया जा रहा है। इस काम में स्थानीय नागरिकों के साथ जाने-अनजाने में नगर निगम के कतिपय अधिकारी और कर्मचारी भी मददगार बने हैं। अब शहर के कटरा मोहल्‍ले को ही देखें। इस इलाके में मास्टर जहरूल हसन रोड पर बने स्मार्ट और सुंदर फुटपाथ रख-रखाव एवं सफाई न होने के कारण कूड़े का अड्डा बन गए हैं।

शहर में सड़कों के दोनों किनारे फुटपाथ राहगीरों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाए जाते हैं ताकि वह बसों, कारों एवं ट्रकों की तेज रफ्तार से अपना बचाव करते हुए सुरक्षित आ-जा सकें। हालांकि राहगीरों के सुरक्षित आवागमन को लेकर कोई गंभीर नहीं दिखाई देता है। मास्टर जहरूल हसन रोड के फुटपाथों की अव्यवस्था इसका उदाहरण है। इस रोड और सुंदर फुटपाथों का निर्माण स्मार्ट सिटी मिशन के फेज एक के तहत लक्ष्मी टाकीज चौराहा से मजार तिराहा तक कराया गया था। यह रोड नंबर एक कहलाता है।

इस मार्ग पर अतिक्रमण तो रोड के दोनों तरफ के फुटपाथों पर है। वहीं आयुक्त कार्यालय से मजार तिराहा तक फुटपाथों की स्थिति बदतर है। सफाई न होने से गंदगी फैली है। गोबर और कूड़े के ढेर लगे हैं। फुटपाथों को देखने से यही लगता है कि निगम अपनी संपत्ति को ही कबाड़ बनाने में जुटा है, क्योंकि सफाई की जिम्मेदारी निगम की ही है। क्षेत्रीय पार्षद आनंद अग्रवाल का कहना है कि रोड से ज्यादा चौड़ा फुटपाथ बनाकर अतिक्रमण को बढ़ावा दिया जा रहा है।इस रोड की अव्यवस्था के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय तक पत्र भेज चुका हूं लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई।

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