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बदमाशों ने कौशांबी में बिजली उपकेंद्र में तोड़फोड़ व फायरिंग की, लाइनमैन को जख्‍मी किया

प्रयागराज, जेएनएन। कौशांबी जनपद के सरायअकिल स्थित पुरखास विद्युत उपकेंद्र में मंगलवार की रात असलाधारियों का आतंक रहा। बदमाशों ने हवाई फायरिंग कर तोड़फोड़ की। साथ ही लाइनमैन को पीटकर जख्‍मी कर दिया। पुलिस ने घायल लाइनमैन को इलाज के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया। सुबह बिजली कर्मियों ने सरायअकिल थाने का घेराव किया। तीन नामजद समेत नौ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 

बिजली आपूर्ति चालू करने का मामला

सरायअकिल के गोविंदपुर गांव निवासी जगलाल रैदास पुत्र प्यारे लाल रैदास पुरखास उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन के पद पर तैनात है। जगलाल के अनुसार मंगलवार की रात करीब एक दर्जन असलाधारी उपकेंद्र में पहुंचे और गाली गलौच कर विद्युत आपूर्ति चालू करने का दबाव बनाया। जगलाल उस समय कंट्रोल रूम में खाना खा रहा था। उसने कहा कि 33 केवीए से विद्युत आपूर्ति बंद होने से सप्लाई संभव नहीं है। इस पर असलहाधारियों ने लाइसेंसी रायफल से फायर झोंक दिया। किसी तरह वह जान बचाकर पैनल रूम में घुस गया। इस पर दबंग वहां घुसकर उसकी जमकर पिटाई की। 

सूचना पर सीओ व इंस्‍पेक्‍टर फोर्स के साथ पहुंचे

शोर सुनकर बीचबचाव करने आए संविदा कर्मी रामनेवाज की भी उन लोगों ने पिटाई कर दी। आरोप है कि विद्युत उपकेंद्र के अलमारी में रखा लॉगबुक, रजिस्टर आदि फाड़कर कंप्यूटर, पैनल और रैक सामान समान हाकी और लाठी-डंडों से क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना पर क्षेत्राधिकारी कृष्ण गोपाल सिंह, सरायअकिल के एसओ विजय विक्रम और चौकी प्रभारी अभिलाष तिवारी मय फोर्स वहां पहुंचे। 

आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज

घायल लाइनमैन की तहरीर पर पुलिस ने सुरसेनी गांव निवासी कथित भाजपा नेता मनोज द्विवेदी और उसके पुत्र अमित द्विवेदी, अधिवक्ता संघ मंझनपुर के महामंत्री राजेंद्र द्विवेदी समेत नौ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। क्षेत्रधिकारी ने बताया कि मामले में मनोज द्विवेदी और उसके पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। 

तोड़फोड़ का ऑडियो वायरल

मंगलवार रात पुरखास उपकेंद्र पर की गई तोड़फोड़ और एक्सईएन समेत जेई और एसडीओ को गाली गलौच देने का ऑडियो वायरल हो गया है। ऑडियो में अधिवक्ता संघ के महामंत्री राजेंद्र द्विवेदी विद्युत आपूर्ति चालू न करने पर अधिकारियों को गाली गलौच कर उपकेंद्र में आग लगाने की बात कर रहा है। ऑडियो मिलते ही पुलिस राजेंद्र की सरगर्मी से तलाश में जुट गई है। 

मनोज है आपराधिक इतिहास

पुरखास उपकेंद्र में मारपीट और तोड़फोड़ के मुख्य आरोपी मनोज द्विवेदी का आपराधिक इतिहास है। मनोज के खिलाफ सराय अकिल थाने में 1989 में पहला केस चोरी करने का दर्ज किया गया। इसके बाद 1994 में बलवा व मारपीट, 1995 में गली गलौज कर जान से मारने की धमकी, 1996 में बलवा और हत्या, 2000, 2015 व 2017 में बलवा, मारपीट के तीन केस दर्ज किए गए हैं। 2019 में प्रयागराज के कैंट थाने में जान से मारने का प्रयास में केस दर्ज है। आरोपित मनोज द्विवेदी के खिलाफ सरांय अकिल थाने में वर्ष 2020 में भी तीन महीने पहले बलवा, मारपीट,व जान से मारने के प्रयास का एक और केस दर्ज हुआ था।

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