सड़कें खस्ताहाल और सफाई व्यवस्था बदहाल, मच्छरों से जीना मुहाल

शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद करीब साढ़े चार साल से चल रही है लेकिन ज्यादातर मोहल्लों में सुविधाओं की दरकार है।

JagranSat, 04 Dec 2021 01:27 AM (IST)
सड़कें खस्ताहाल और सफाई व्यवस्था बदहाल, मच्छरों से जीना मुहाल

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद करीब साढ़े चार साल से चल रही है। प्रयास के बाद भी ज्यादातर क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं बेहतर नहीं हो सकीं। नगर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था पर सबसे ज्यादा धनराशि खर्च करता है, पर वही पटरी से उतरी हुई है। शहर के वीआइपी इलाके टैगोर टाउन और हासिमपुर के हालात भी नहीं बदल सके हैं। अधिकतर सड़कें खस्ताहाल हैं। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। कुंदन गेस्ट हाउस के सामने से बालसन चौराहा की तरफ जाने वाली रोड पर पग-पग पर मलबे के ढेर लगे हैं। टैगोर टाउन पावर हाउस के सामने सड़क खस्ताहाल है। गढ्डे होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। नाले और नालियों की सफाई न होने व सिल्ट न निकाले जाने से मच्छरों का आतंक है। न तो एंटी लार्वा का छिड़काव हो रहा है और न ही फागिंग कराई गई है।

मवेशियों के झुंड से लगता है जाम

आरओबी के निर्माण के कारण बक्शी बाध और हासिमपुर रोड पर आवागमन लगभग ठप है। इससे वाहन चालकों को अल्लापुर से बालसन की तरफ वाली रोड से आना-जाना पड़ता है। सुबह-शाम इस रोड पर मवेशियों का झुंड निकलने के कारण जाम लगता है, जिससे लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं।

बोले लोग

आरओबी निर्माण की गति बहुत धीमी है। इसकी वजह परेशानी उठानी पड़ती है। जाम भी लगा रहता है।

सुशील श्रीवास्तव, हासिमपुर रोड

मवेशियों के कारण बहुत परेशानी होती है। रोड पर गाड़िया खड़ी हो जाती हैं जिससे जाम लगता है।

डा. दीप्ति योगेश्वर, टैगोर टाउन

डेंगू फैला है फिर भी फागिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव काफी समय से नहीं हुआ। सफाई न होने से गंदगी भी रहती है।

रेखा घोष, टैगोर टाउन

पहले नालियों की सफाई होती थी। अब सिल्ट न निकलने से नालिया बजबजाती रहती हैं। सड़कें भी खराब हैं।

मीनाक्षी श्रीवास्तव, टैगोर टाउन

कहते हैं पार्षद

पावर हाउस के सामने की रोड खोदाई के कारण खराब हो गई। आरओबी निर्माण के कारण नाले में मिट्टी चली गई। जवाहर लाल नेहरू रोड के नाले की ठीकेदार ने सफाई ठीक से नहीं की। लोगों ने रैंप बना लिए हैं, जिससे नालियों की सफाई में परेशानी होती है। फतेहपुर बिछुआ में गोबर नाली और सीवर में बहाया जाता है। पशुपालकों के खिलाफ अधिकारी कार्रवाई भी नहीं करते हैं। खराब सड़कों के बनने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। सफाईकर्मियों की भी कमी है।

नंदलाल, पार्षद।

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