Republic Day 2021: प्रयागराज में संगम तीरे भगवा वस्त्रधारियों ने फहराया तिरंगा, राष्‍ट्र‍हित का लिया संकल्‍प

प्रयागराज में माघ मेला क्षेत्र में संतों के शिविर में भी गणतंत्र दिवस पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया गया।

Republic Day 2021 स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए असंख्य क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। आज हम स्वंतत्र हैं लेकिन राष्ट्र के प्रति कर्तव्य कभी नहीं भूलना चाहिए। स्वामी ब्रह्माश्रम ने कहा कि हर व्यक्ति के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है।

Brijesh Kumar SrivastavaTue, 26 Jan 2021 12:58 PM (IST)

प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज जनपद में गणतंत्र दिवस की धूम मची है। सर्द मौसम में जगह-जगह राष्‍ट्रीय ध्‍वज को फहराया गया और देश की आजादी में शहीद होने वाले देशभक्‍तों को नमन किया गया। वहीं दूसरी ओर आस्‍था के केंद्र संगम क्षेत्र में संन्‍यासियों ने भी तिरंगा फहराकर देश के प्रति श्रद्धा प्रकट की। साथ ही राष्‍ट्रहित का संकल्‍प भी भगवा वस्‍त्रधारियों ने लिया।

दंडी स्वामी नगर में अभा दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक ने ध्‍वज फहराया

तपस्थली तीर्थराज प्रयाग में संगम तीरे राष्ट्र पर्व गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। धर्म व राष्ट्र के लिए संन्यास ग्रहण करने वाले भगवा वस्त्रधारी संत अपने शिविर में तिरंगा झंडा फहराकर देश के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट किया। संतों ने कल्पवासियों की मौजूदगी में ध्वजारोहण करके राष्ट्रहित में काम करने का संकल्प दिलाया। दंडी स्वामी नगर में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक जगदगुरु स्वामी महेशाश्रम ध्वजारोहण किया। इस दौरान परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम, स्वामी शंकर आश्रम सहित तमाम दंडी संन्यासी व कल्पवासी मौजूद रहे।

हर व्यक्ति के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है : स्‍वामी महेशाश्रम

स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए असंख्य क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। आज हम स्वंतत्र हैं, लेकिन राष्ट्र के प्रति कर्तव्य कभी नहीं भूलना चाहिए। स्वामी ब्रह्माश्रम ने कहा कि हर व्यक्ति के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। पहले राष्ट्र है, फिर धर्म उसके बाद आता है।

किन्‍नर अखाड़ा की महामंडलेश्‍वर कौशल्‍यानंद ने कहा-संविधान में किसी के साथ भेदभाव नहीं

खाकचौक में जगदगुरु बिनैका बाबा ने भक्तों को राष्ट्र भक्ति का संदेश दिया। कहा कि कुछ लोग राष्ट्रहित से समझौता करके काम करते हैं। ऐसा करना महापाप है। किन्नर अखाड़ा के शिविर में महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरि ने झंडा फहराया। ध्वजारोहण के बाद विश्व शांति का संदेश देने के लिए 101 ग़ुब्बारे आसमान में छोड़े गए। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस मनाना सौभाग्य की बात है। हमारे संविधान में हर व्यक्ति को बराबर का दर्जा दिया गया है। संविधान में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग किन्नरों को उपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं, जो अनुचित है। सबको मिलकर सम्मान के साथ रहना चाहिए।

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