Birth Anniversary: दया और करुणा से परिपूर्ण था राजर्षि टंडन का जीवन, प्रयागराज में हुए कई आयोजन

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने कहा कि पुरुषोत्तम दास टंडन सेवा भावी थे। अपनी वाणी और जीवन से उन्होंने सदा लोगों को सेवा की ओर उन्मुख किया। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत परिसर में स्थापित राजर्षि टंडन की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई।

Ankur TripathiMon, 02 Aug 2021 07:00 AM (IST)
राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन की जन्मतिथि पर प्रयागराज में हुए विविध कार्यक्रम

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। राजर्षि टंडन विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। सत्य और स्वतंत्रता के अनन्य उपासक थे। उनका जीवन दया, करुणा व मानवीय गुणों से परिपूर्ण था। यह विचार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने व्यक्त किए। वह राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राजनीति में रहते हुए पुरुषोत्तम दास टंडन जी ने शुचिता बनाए रखी। वह राजनेताओं के लिए रोल मॉडल थे। दूसरों के दु:ख-सुख का भी ख्याल रखते थे।

पुरुषोत्तम दास टंडन सेवा भावी थे

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सीमा सिंह ने कहा कि पुरुषोत्तम दास टंडन सेवा भावी थे। अपनी वाणी और जीवन से उन्होंने सदा लोगों को सेवा की ओर उन्मुख किया। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत परिसर में स्थापित राजर्षि टंडन की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। उधर गौरी पाठशाला इंटर कालेज में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यालय की प्रबंधक डा. शशि टंडन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विद्यालय के अध्यापकों ने सरस्वती वंदना, भाषण एवं कविता की प्रस्तुति दी। इस मौके पर डा. रंजना त्रिपाठी, डा. विभा पांडेय व विद्यालय की सभी शिक्षक मौजूद रहे। राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय में भी पुरुषोत्तम दास टंडन को नमन किया गया। इस मौके पर एसोसिएट प्रो. डा. नमिता यादव, शिवांगी मिश्रा, अनुशिका यादव, नैन्सी वर्मा, प्राचार्या डा. रंजना त्रिपाठी आदि मौजूद रहीं।

जन्मतिथि हिंदी रक्षक दिवस के रूप में मनाने का संकल्प

लोक सेवक मंडल में भी राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन की जन्म तिथि मनाई गई। इस दौरान हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन की जन्मतिथि को देशभर में हिंदी रक्षक दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया। इस संबंध में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को पत्र लिखने पर भी सहमति बनी। यह भी कहा गया कि भारत रत्न पुरुषोत्तम दास टंडन की जन्मस्थली अहियापुर, गुजराती मोहल्ला, चौक गंगादास के इलाके को मिलाकर राजर्षि टंडन नगर बनाया जाए। इसके लिए महापौर व मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया जाएगा। इस मौके पर डा. आरकेएस चौहान, अजय मेहरोत्रा, संजय सिंह, नीरज जायसवाल, कुंवरजी टंडन, आलोक खरे, ओम प्रकाश शुक्ल, पूजा अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.