चार बार कुर्की से भी नहीं बना पूर्व विधायक अशरफ पर दबाव

जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : पुलिस और एसटीएफ के लिए फरार अशरफ परेशानी का सबब बन गया है। पूर्व सांसद अतीक अहमद का भाई पूर्व विधायक अशरफ लंबे समय से फरार है। उस पर 50 हजार इनाम की संस्तुति है। चार बड़े मामलों में उसकी तलाश है। एक के बाद एक चार बार उसके घर की पुलिस कुर्की कर चुकी है। घर से खिड़की और दरवाजे तक पुलिस उखाड़ ले गई, लेकिन अशरफ और उसके परिवार पर दबाव नहीं बन सका। कई जिलों की खाक छानने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। एसटीएफ भी लोकेशन ट्रेस कर थक गई है।

विधायक रहे राजू पाल की हत्या के आरोपित मो. अशरफ और उनके भाई पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ भाजपा सरकार बनते ही धड़ाधड़ मुकदमे दर्ज हुए। मौजूदा वक्त में अशरफ पर करीब 24 मुकदमे हैं। उसके चकिया स्थित आवास पर पुलिस ने धूमनगंज के बहुचर्चित अलकमा-सुरजीत हत्या और जितेंद्र पटेल हत्याकांड में कुर्की की। इसके बाद सूरजकली की तरफ से दर्ज मुकदमे में कुर्की की गई। रविवार को पुलिस ने चर्चित नीटू सरदार हत्याकांड में अशरफ के घर का बचा हुआ सामान कुर्क कर लिया। इनाम घोषित कर टीमें लगाने के बावजूद पुलिस दबाव नहीं बना सकी। यही वजह है कि फरार अशरफ ने अब तक कोर्ट में भी सरेंडर की अर्जी नहीं दी। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि फरार और इनामी की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच समेत दो टीमें लगी हैं। कुछ करीबियों पर भी निगाह रखी जा रही है। दिल्ली और हरियाणा में ट्रेस हुई थी लोकेशन :

ऐसा नहीं है कि अशरफ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम और एसटीएफ ने काम नहीं किया। उसके करीबी प्रापर्टी डीलरों, दोस्तों और नौकरों से पूछताछ कर कुछ मोबाइल नंबर हासिल कर उन्हें सर्विलांस पर डाला गया तो अशरफ की लोकेशन दिल्ली और हरियाणा में ट्रेस हुई। पुलिस टीमें गई भी लेकिन सफलता नहीं मिली। हरियाणा में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के साथ अशरफ के रहने की बातें भी पुलिस तक पहुंची थीं। खाता सीज करने को ली विधिक राय

फरार अशरफ के बैंक खाते सीज करने की तैयारी हुई है। सीओ सिविल लाइंस श्रीश चंद्र ने तीन बैंकों से उसके रिकार्ड लिए हैं। खाता सीज करने को लेकर पुलिस ने विधिक राय भी ली है। खाते में जमा और निकासी का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।

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