top menutop menutop menu

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ग्राम प्रधानों का सहयोग लेने की तैयारी

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ग्राम प्रधानों का सहयोग लेने की तैयारी
Publish Date:Sun, 09 Aug 2020 07:48 PM (IST) Author: Jagran

जासं, प्रयागराज : माध्यमिक विद्यालयों के 80 फीसद विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन और टीवी की व्यवस्था है। करीब 20 फीसद बच्चे ऐसे हैं, जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के संसाधन नहीं हैं। इन बच्चों की भी पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें ग्राम प्रधानों का भी सहयोग लेने की तैयारी है। उन्हें निर्देशित किया जाएगा कि ग्राम पंचायत स्तर पर टीवी की व्यवस्था की जाए। आसपास के बच्चों को बुलाकर शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन कराते हुए दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले शैक्षणिक पाठ़्यक्रम दिखाए जाएं।

जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि ऑनलाइन पठन पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए ग्राम प्रधानों से सहयोग लेने के क्रम में सीडीओ से मिलकर पत्र सौपेंगे। इसी तरह शहरी क्षेत्र में वित्त पोषित कॉलेजों के प्रधानाध्यापकों के साथ जल्द बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। उनसे आग्रह किया जाएगा कि कॉलेज की तरफ से टीवी की व्यवस्था की जाए। जिनके पास संसाधन नहीं हैं उन्हें कॉलेज बुलाकर दूर दूर बैठाते हुए दूरदर्शन से प्रसारित होने वाले शैक्षणिक कार्यक्रम दिखाए। इस संबंध में जीआइसी के प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह ने कहा कि वे इससे सहमत हैं। बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। जब भी उन्हें जिला विद्यालय निरीक्षक की तरफ से दिशा निर्देश मिलेंगे वे आवश्यक कदम जरूर उठाएंगे। उम्मीद जताई कि अन्य विद्यालय भी इस कदम का स्वागत करेंगे। 20 फीसद विद्यार्थियों के पास नहीं है स्मार्ट फोन

जिला विद्यालय निरीक्षक की तरफ से कराए गए सर्वे में पता चला है कि माध्यमिक विद्यालयों के करीब बीस फीसद बच्चे ऐसे हैं जिनके पास टीवी व स्मार्ट फोन नहीं है। अलग-अलग विद्यालयों में कक्षा नौ में पंजीकृत बच्चों की संख्या 77163 है। इसमें से 15663 विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। कक्षा 10 में कुल 106793 विद्यार्थी हैं इनमें से 15443 के पास फोन और टीवी नहीं है। कक्षा 11वीं में 51324 विद्यार्थी पंजीकृत हैं इनमें से 7959 छात्र-छात्राओं के पास संसाधन नहीं है, इसी क्रम में इंटरमीडिएट में कुल 71190 विद्यार्थी पंजीकृत हैं इनमे से 19255 छात्र-छात्राओं के पास स्मार्टफोन और टीवी की व्यवस्था नहीं है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.