Payagraj Weather News: आसमान में छाए हैं बादल, वायुदाब बढ़ा तो हो सकती है बारिश

Payagraj Weather News इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा. शैलेंद्र राय का कहना है कि सूरज और बादलों के बीच जब भी प्रतिस्पर्धा होती है तो तापमान में उतार-चढ़ाव होता है। वायु दाब अधिक होने पर बारिश होने की पूरी संभावना होती है।

Brijesh SrivastavaFri, 10 Sep 2021 11:19 AM (IST)
प्रयागराज में बादल छाने के कारण सूर्य की किरणों की तल्‍खी कम है। इससे उमस से राहत है।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज में पिछले दो दिनों से आसमान में घने बादल तो छाए हैं लेकिन बारिश नहीं हो रही है। सूर्य की किरणाें में तेजी न होने के कारण मौसम में तल्‍खी भी नहीं है। इससे उमस में भी कमी आई है। वातावरण को देखकर तो बारिश की संभावना जताई जा रही है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगर वायुदाब बढ़ा तो यहां बारिश हो सकती है।

आज मौसम में उतार-चढ़ाव होगा

मौसम विभाग का अनुमान था कि बुधवार को बारिश नहीं होगी, मगर दोपहर में आधे घंटे के लिए काले बादल आए। लोगों को राहत देकर चले गए। गुरुवार सुबह से ही सूरज और बादलों के बीच प्रतिस्पर्धा चलती रही। कभी बादल आगे आ जाते, कभी सूरज तेज चमकने लगता। लोग दिन भी यही उम्मीद लगाए रहे कि बारिश होगी मगर ऐसा नहीं हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जो वायु दबाव बना है, उससे शुक्रवार को मौसम में उतार-चढ़ाव दिखाई देगा।

इस मौसम से कुछ राहत

अच्छे मानसून के बाद इस बार सितंबर माह भी अच्छा जा रहा है। हर दो दिन के अंतराल पर आसमान से अमृत वर्षा हो जा रही है। इससे लोगों को काफी राहत भी मिल रही है, क्योंकि उमस अधिक होने पर लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। बच्चों का स्कूल भी खुल गया है। मौसम में तल्‍खी से उन्हें और दिक्कत हो रही थी। स्कूल से घर आने में वह परेशान हो जाते थे। पिछले दो दिनों से राहत है।

प्रयागराज में आज का तापमान

शुक्रवार का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्‍यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, जो गुरुवार को बढ़कर 34.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। बुधवार को न्यूतनम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस था, गुरुवार को यह भी बढ़ कर 26.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। आर्द्रता अधिकतम 100 और न्यूतनम 60 प्रतिशत रही।

बोले, मौसम विज्ञानी

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा. शैलेंद्र राय का कहना है कि सूरज और बादलों के बीच जब भी प्रतिस्पर्धा होती है तो तापमान में उतार-चढ़ाव होता है। वायु दाब अधिक होने पर बारिश होने की पूरी संभावना होती है।

जल संरक्षण को चल रही मुहिम

ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को लेकर मुहिम भी चल रही है। लोगों को जागरूक करने के साथ ब्लाक स्तर पर कई अभियान भी चलाए जा रहे हैं। जिन तालाबों तक बारिश का पानी नहीं पहुंच पाता है, उसके लिए भी अलग से कार्ययोजना बनाई जा रही है। जनपद में तेजी से जलस्तर नीचे आ रहा है, इसको लेकर जिला प्रशासन भी गंभीर है। शासन की भी सख्ती है।

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