Prayagraj Magh Mela 2022: माघ मेला कार्य 31 दिसंबर तक पूरा करे बिजली विभाग, वरना होगी कार्रवाई

Prayagraj Magh Mela 2022 बिजली विभाग के मुख्‍य अभियंता ने कहा कि माघ मेला का तय समय में कार्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेले के सभी प्रमुख द्वारों पर हाईमास्ट कलरफुल एलईडी लगाने को कहा।

Brijesh SrivastavaMon, 06 Dec 2021 04:07 PM (IST)
बिजली विभाग के मुख्‍य अभियंता ने माघ मेला में कार्यों का निरीक्षण किया। उन्‍होंने अधिकारियों को निर्देशित किया।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज माघ मेला जनवरी 2022 में गंगा, यमुना के पावन संगम तट पर आयोजित होगा। दो दिसंबर से ही बिजली विभाग ने काम शुरू कर दिया है। खंभों को लगाने के साथ ही उपकेंद्रों का बेस तैयार किया जा रहा है। बिजली विभाग के मुख्य अभियंता विनोद गंगवार ने माघ मेला क्षेत्र स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में तैयारियों की समीक्षा की। मौजूद अधिकारियों से कहा कि 31 दिसंबर तक हर हाल में काम पूरा होना चाहिए।

बिजली विभाग के मुख्‍य अभियंता ने अधिकारियों को दिया निर्देश

बिजली विभाग के मुख्‍य अभियंता ने कहा कि माघ मेला का तय समय में कार्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेले के सभी प्रमुख द्वारों पर हाईमास्ट, कलरफुल एलईडी लगाने को कहा। स्नान घाटों पर भी बिजली की पर्याप्त रोशनी के साथ ही पांटून पुलों के दोनों छोर पर हाईमास्ट लगाने के निर्देश दिए।

मेला प्रशासन करें आवंटित करे जमीन

जमीन व सुविधा को लेकर बढ़ती तकरार के बीच कुछ महात्माओं ने प्रशासन से जमीन आवंटित करने की मांग की है। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम ने कहा कि मेला क्षेत्र में होने वाले विवाद को खत्म करने के लिए प्रशासन स्वयं जमीन आवंटित करे। कहा कि माघ मेला जप-तप करने के लिए है। इसके बावजूद जमीन व सुविधा को लेकर महात्माओं में खींचतान रहती है, जिससे मेला का स्वरूप बिगड़ता है, साथ ही महात्माओं की छवि भी खराब होती है।

स्‍वामी रामतीर्थ दास ने यह कहा

हर संगठन प्रशासन से एकमुश्त जमीन लेकर उसे मनमाने तरीके से अपने लोगों में वितरित करता है। इसी कारण विवाद बढ़ता है। प्रशासन नियमानुसार जमीन आवंटित करेगा तो किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी। कुछ ऐसी ही राय स्वामी रामतीर्थ दास की है। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में हर सम्प्रदाय के महात्माओं को जमीन का वितरण संगठन के बजाय प्रशासन की ओर से किया जाए। ऐसा होने से मेला बिना विवाद के आयोजित होगा। जोर देते हुए कहा कि निष्पक्षता के साथ जमीन आवंटित होने पर संतों में प्रेम व सौहार्द बढ़ेगा।

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