फर्जी डिग्री से नौकरी दिलाने में पीएनपी का लिपिक भी गिरफ्तार, एसटीएफ की कार्रवाई

अभियुक्त नरेंद्र नैनी थाना क्षेत्र के चक देवरा कनेला गांव का निवासी है। एसटीएफ के मुताबिक फिरोजाबाद के शिकोहाबाद निवासी रामनिवास आफ राम भैया फर्जी डिग्री से शिक्षक बना था। उसके बाद वह परीक्षाओं में पेपर साल्व करवाने फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र तैयार कर डिग्री दिलाने काम करने लगा था।

Brijesh SrivastavaSat, 18 Sep 2021 02:56 PM (IST)
फर्जी डिग्री से नौकरी दिलाने के मामले में अब परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कार्यालय के लिपिक को पकड़ा है।

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ टीम ने फर्जी डिग्री से नौकरी दिलाने के मामले में अब परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कार्यालय के लिपिक नरेंद्र कनौजिया को भी गिरफ्तार कर लिया है। उसे सिविल लाइन बस स्टैंड से उस वक्त पकड़ा गया जब वह कहीं भागने की फिराक में था। जानें एसटीएफ ने कैसे इस लिपिक को गिरफ्तार किया। 

लिपिक को प्रति अभ्‍यर्थी से 50 हजार रुपये मिला था

अभियुक्त नरेंद्र नैनी थाना क्षेत्र के चक देवरा कनेला गांव का निवासी है। एसटीएफ के मुताबिक, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद निवासी रामनिवास आफ राम भैया फर्जी डिग्री से शिक्षक बना था। उसके बाद वह अलग-अलग परीक्षाओं में पेपर साल्व करवाने और फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र तैयार कर डिग्री दिलाने काम करने लगा था। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का लिपिक भी उसके साथ मिल गया था और प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन प्राधिकारी कार्यालय से कराने लगा था। इसके लिए लिपिक को प्रति कैंडिडेट 50 हजार रुपये मिलता था।

मास्‍टर माइंड आनलाइन भी कराता था काम

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि मास्टर माइंड रामनिवास आनलाइन भी काम कराता था, जिसमें नरेंद्र कनौजिया मदद करता था। इससे पहले एसटीएफ ने सरगना रामनिवास व उनके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान नरेंद्र के खिलाफ जानकारी और सबूत मिले थे, जिसके आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई है।

ट्रेन में लूटपाट करने वाले दो शातिर गिरफ्तार

दो माह पहले सियालदह-अजमेर विशेष एक्सप्रेस में लूटपाट करने वाले दो शातिरों को जीआरपी ने प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर पकड़ा। जीआरपी ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया। जीआरपी प्रयागराज और आरपीएफ प्रयागराज छिवकी की टीम को सूचना मिली कि छिवकी स्टेशन के प्लेटफार्म 2-3 के पूर्वी छोर पर दो संदिग्ध शख्स टहल रहे हैं। टीम ने उन्हें पकड़ा। टीम की पूछताछ मेें उसने अपना नाम शाहिद पुत्र मुस्तकीम निवासी रेवती, बलिया बताया। उसने बताया कि वह मीरा गली मोहल्ला थाना दारागंज में नाटे यादव के मकान में किराए पर रहता है। सागर वाल्मीकि पुत्र शिव शंकर निवासी कच्ची सड़क समइया माता मंदिर दारागंज, उसकी मदद करता है।

दोनों शातिरों की तलाश थी

जीआरपी प्रयागराज प्रभारी निरीक्षक राम मोहन राय का कहना है कि दोनों शातिरों की कई दिन से तलाश की जा रही थी। उनके पास से नशीला पाउडर और नकदी बरामद हुआ है। पूछताछ में उन्होंने कई ट्रेनों में लूटपाट की घटनाओं के बारे में जानकारी दी है।

 

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